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आजादी के बाद से अभी तक आमाघाट कादा के नदी मे नही बन सका पुल, बारिश मे एक बस्ती से दुसरे बस्ती का संपर्क टूट जाता है !

▶️ स्कूली बच्चे महिनों भर वंचित रहते है अध्यापन कार्य से

खैरागढ़, छुईखदान ! DNnews-सरकार भले ही विकास के नाम पर ढिंढोरा पिटती नजर आती है. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है. हम बात कर रहे है. बाजार अतरिया व उदयपुर के समीप गाव आमाघाट कादा का. यहां आजादी के सत्तर साल बाद भी गांव क बीचोबीच पुलिया नही बन सका. ग्रामीणों का बरसों से सपना है पुल का लेकिन आज भी आमाघाट कादा का पुल नहीं बन सका. हरसाल बारिश होने की वजह से आमाघाट कादा नदी की जल स्तर काफी बढ़ जाता है.थोड़े से पानी आने पर स्कूली बच्चों व आवागमन भी बाधित हो जाता है. यानि एक बस्ती से दूसरे बस्ती का संपर्क टूट जाता है. जिससे स्कूली बच्चों को स्कूल आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लगातार यदि नदी मे पानी बह रहा हो तो यहां प्रायमरी व मिडिल स्कूल बच्चों का पढ़ाई चौपट हो जाता है.

यानि एक बस्ती से दुसरे बस्ती स्कूल आने के लिए कोई रास्ता नही है. नदी के उस पार स्कूल होने से इस पार के लगभग 200 बच्चे स्कूल नहीं जा पाते. कई सालों से ऐसी ही स्थिति बनी हुई है. दिलचस्प बात यह भी है कि यहां के बच्चे हाईस्कूल के लिए उदयपुर भी जाते जहां उनको ढी बारिश मे भारी परेशानी होती है. शासन प्रशासन और नेता लोग भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. ग्रामीणों के द्वारा पुल को बनाने कई बार आवेदन भी चुके है लिहाजा कोई हल नही मिलता. चुनाव मे नेता वोट मांगने के समय पुल बनाने का वादा भी करके जाते है लेकिन चुनाव के बाद कोई नेता झांकने तक नही आते.

वर्षो पुरानी मांग है कि दोनो बस्ती के बीच मे पुलिया का निर्माण हो तकि स्कूली बच्चों को आने जाने मे कोई परेशानी न हो. प्रशासन को चाहिए कि इस ओर तत्काल ध्यान दें.
देवेंद्र शोरी सरपंच ग्राम पंचायात आमाघाट कादा

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