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किसानों से एडीबी का दादागिरी, बगैर जानकारी जमीन हड़पी और जेसीबी चलवाकर कर दिया पटाव, सैकड़ो भर से ज्‍यादा किसान आंदोलन की राह पर !

DNnews ब्यूरो !

राजनांदगांव ! DNnews- एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सड़क निर्माण कार्यों में अब सैकड़ों भर से ज्‍यादा किसानों की लगानी कृषि भूमि अनियमितताएं और भ्रष्‍टाचार की भेंट चढ़ रही है। एडीबी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और निर्माण कार्य कर रही ठेकेदार फर्म एक तरह से निर्माण कार्यों में माफियागिरी करने उतारु हैं। छुईखदान क्षेत्र के दर्जनभर गांव के सैकड़ा भर किसानों की जमीन को सड़क निर्माण के लिए हड़प लिया गया है।

74 करोड़ 96 लाख रुपए की लागत से छुईखदान-उदयपुर-दनिया सड़क निर्माण किया जा रहा है। मेसर्स एनसी नाहर और एआईपीएल (जेवी) इसका निर्माण कर रहे हैं। इस सड़क निर्माण के दायरे में दर्जनभर गांवों के सैकड़े भर से ज्‍यादा किसानों की जमीन आ रही है और इन्‍हीं किसानों की जमीनों पर सीधे तौर पर कब्‍जा किया जा रहा है। किसानों को उनकी ही जमीन से किसी बातचीत, सहमति या कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बगैर ही बेदखल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कई जगहों पर तो जेसीबी चलाकर पटाव भी शुरु कर दिया गया है। इसे लेकर क्षेत्र में भारी विरोध की स्थिति है।
इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र के प्रभावित किसानों ने कलेक्‍टर और एडीबी के पैकेज मैनेजर तक शिकायत की है। इसके अलावा छुईखदान तहसीलदार के पास भी शिकायत करते हुए किसानों ने अपनी जमीन देने से इंकार कर दिया है। उन्‍होंने निर्माण कार्य के लिए जबरिया भूमि पर कब्‍जा किए जाने को लेकर विरोध दर्ज कराया है। अब तक इस कब्‍जे को रोकने या इस मामले को सुलझाने को लेकर शासन-प्रशासन, ठेकेदार फर्म ने किसी तरह की पहल नहीं की है। दूसरी ओर शिकायतों का सिलसिला जारी है।

▶️126 किसान प्रभावित, बगैर जानकारी काम शुरु

पैकेज 12 छुईखदान-उदयपुर-दनिया सड़क निर्माण में ग्राम दनिया के 12 किसान, उडान के 9, तेंदूभाटा के 7, जोम के 17, बुंदेली के 10, मेहर के 10, सीताडबरी के 14, उदयपुर के 6, गोपालपुर के 20, खपरी दरबार के 6, मंगीकटा के 14 सिलपट्टी के 5 किसानों की जमीन जद में आ रही है। कुल जमा 126 किसानों की जमीन पर निर्माण की तैयारी है। इनमें से किसी भी किसान से उनकी भूमि पर निर्माण को लेकर अब तक न ही कोई सूचना दी गई और न ही सहमति को लेकर कोई बातचीत की गई है। भूमि अधिग्रहण के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का विषय तो दूर-दूर तक नहीं है।

◆किसानों का जमीन देने से इंकार

सड़क के लिए बगैर अधिग्रहण किए जा रहे निर्माण को लेकर किसानों में आक्रोश है। ग्राम जोम के किसान चेतन सिंह, गजानंद जंघेल ने कलेक्‍टर और एडीबी के पैकेज मैनेजर को सौंपे गए आवेदन में अपनी लगानी भूमि निर्माण के लिए से इंकार कर दिया है। इन दोनों की ही जमीन पर सड़क निर्माण की तैयारी है। इसके अलावा भी कई किसान इस मोर्चे की तैयारी में है। ऐसे लगभग 126 किसान हैं जो अपनी भूमि किसी भी तरह के निर्माण के लिए देने से इंकार कर रहे हैं। यह मामला बढ़ता ही जा रहा है। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो इस क्षेत्र में किसान बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकते हैं।

▶️छिड़ सकता है किसान आंदोलन

छुईखदान-उदयपुर-दनिया सड़क निर्माण की कार्य अवधि 20 माह की है जिसमें से 15 माह पूरे हो चुके हैं। आश्‍चर्य की बात है कि इतने लंबे समय में भी किसानों की जमीनों पर निर्माण को लेकर किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया शुरु ही नहीं की गई। और अब जब कार्य पूर्ण करने की तारीख नजदीक है तो सीधे किसानों की जमीन पर कब्‍जा किया जा रहा है। बड़ा सवाल यह भी कि जिम्‍मेदार विभागीय अधिकारियों ने इस ओर कभी ध्‍यान ही नहीं दिया या फिर उन्‍होंने इसे नज़रअंदाज कर दिया। दोनों ही सूरत में यहां बड़ा विवाद खड़ा होने की आशंका है। यह इलाका छुईखदान क्षेत्र के मैदानी हिस्‍से की जीवनरेखा माना जाता है। इसे देखते हुए यहां प्रतिकुल स्थिति निर्मित होने की आशंका है।

“एडीबी के प्रोजेक्‍ट्स में गड़बडि़यों का मामला अभी संज्ञान में आया है। नि:संदेह अगर शिकायतें आ रही हैं तो गड़बडि़यां हो ही रही हैं। अरबों के इन निर्माण कार्यों में बरती जा रही अनियमितता के लिए स्‍वतंत्र जांच जरुरी है। हम खुद भी अपनी ओर से इस विषय को लेकर पहल करेंगे।
संतोष पांडे, सांसद, राजनांदगांव-कवर्धा संसदीय क्षेत्र

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