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ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यो के कारण कर्ज के बोझ मे डूबे सरपंच : धर्मेंद्र साहू

Akil meman chhuruya.

छुरिया ! DNnews- प्रदेश मे एक तरफ कोरोना संक्रमण तो दूसरी तरफ ग्राम पंचायतों मे लोगों का रोजगार देना सरकार के विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य कराना इन्हीं परेशानियों के बीच फंसा हुआ है. ग्राम पंचायत के सरपंच उक्त बाते छुरिया ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू ने कहा. आगे उन्होंने बताया कि 11 मार्च 2020 को सरपंचों ने ग्राम पंचायतों का बागडोर संभाला था, और 22 -2021-मार्च तक कोरोना संक्रमण का बहुत बुरा दौर चल रहा है. और इसी बीच ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य गौठान निर्माण, गौठान में महिला शेड निर्माण जिसका स्वयं सहायता समूह के द्वारा उपयोग कर लाखो रुपये का जैविक खाद्य बिक्री कर चुके है. साहू ने बताया कि इसी प्रकार से धान खरीदी केंद्र में धान चबूतरा निर्माण कार्य जिसमें शासन द्वारा धान खरीदी कर चबूतरा में धान रखा हुआ है, आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य, मुक्ति धाम ऐसे विभिन्न निर्माण कार्य जिन्हें ग्राम पंचायत के सरपंच समय पर निर्माण कार्य पूर्ण कर तो दिए मगर आज वह बाजार के कर्ज तले डुबे हुए हैं. सरपंच आस लगाए बैठे है भुगतान राशि प्राप्त हो किंतु अक्टूबर 2020 से अब तक ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों का राशि प्राप्त नहीं हुई है.

सरपंच संघ अध्यक्ष ने कहा सरपंच अपने घर के लिए कर्ज लेने का हिम्मत नही करते, पर ग्राम पंचायतों के विकास के लिए लाखो रुपये कर्ज का जोखिम उठाकर निर्माण कार्य करवा रहे है पर शासन प्रशासन मे बैठे लोगों को इनके परेशानी से कोई लेनादेना नही है. साहू ने कहा कि वर्तमान मे राजनांदगांव जिले के लगभग 9 जनपद पंचायतो के सरपंच लगभग 200 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे हुए हैं जिला के बड़े अफसरों के बीच अपना दुखड़ा सुना रहे हैं पर इन अफसरों का कहना है शासन से राशि प्राप्त नही है राशि मिलते ही निर्माण कार्यों का राशि आपको मिल जाएगा। यही हाल 15 वे वित्त की राशि का हो गया है पिछले 5 माह से पंचायत में विभिन्न मूलभूत कार्य हो रहे हैं जिसका डीएससी पेमेंट के कारण राशि आहरण में बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पंचायतों में प्रत्येक दिन विभिन्न कार्य होते रहते हैं किंतु आज डीएससी पेमेंट के कारण सभी ग्राम पंचायतों का स्तिथि बदतर हो गया है और आज पुनः नए नियम जियो टैगिंग का लागू किया गया है ग्राम पंचायतों के लिए गरीबी में आटा गीला से कम नहीं है आज ग्राम पंचायतों में 2 रुपये के पेन से लेकर लाखों रुपए तक के मूलभूत कार्य करने के लिए 15 वित्त की राशि आहरण के लिए जियो टैगिंग एवं सरवर व कंप्यूटर ऑपरेटर ऐसे विभिन्न समस्याएं ग्राम पंचायतों में सरपंचों के लिए सर दर्द बना हुआ है. साहू ने सरकार व उनके जनप्रतिनिधियों से माग की है समस्त ग्राम पचायतो का रूका हुआ भुगतान जल्द से जल्द कराए नही तो आने वाला समय सासन प्रसाासन को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।

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