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छुईखदान के बैतालरानी घाटी मे हरेली के दिन उमड़ा जनसैलाब, राहगीरों को आवागमन मे हुई परेशानी !

Dileep shukla salewara.

छुईखदान, साल्हेवारा ! DNnews- वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा से बकरकट्टा से छुईखदान बैताल रानी घाट पर वनांचल वासियों के आवागमन साधन के लिये सड़क बनाया गया है. जो वर्तमान मे पर्यटन के केंद्र बना हुआ है. जो अभी प्रशासनिक तौर पर सड़क का लोकार्पण भी नही हुआ है. रोड ऐसी बना है कि छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश से हजारो लोगों की भीड़ दिनों दिन बढती ही जा रही है.

जिसके कारण वनांचल वासियों को आवागमन में असुविधा हो रही है. हरेली के दिन की भीड़ कही पैर रखने की जगह नही है. मोटर सायकल फोर व्हीलर से आये पर्यटक पुरे रोड को जाम कर दिये. प्रकृति का आंनद लेने सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा.

भीड़ लगना लाजिमी है क्योंकि बैताल रानी घाटी छत्तीसगढ़ का एक अजुबा घाटी है जहां पर्यटकों का मन मोह लेती है. सवाल है सूरक्षा व्यवस्था चरमरागयी गयी है. फारेस्ट विभाग द्वारा पर्यटन स्थल बनाने मांग भी किया जा चुका है. पर्यटकों के लिये हर मोड़ पर बैठने के लिये आरामदायक जगह बनायी जाये।वाहनों की पार्किंग स्थल बनाने अतिशीघ्र पहल किया जाना जरुरी है. सूरक्षा की दृष्टि से प्रति रविवार यातायात पुलिस ब्यवस्था करायी जानी चाहिए.

क्योंकि यह बैताल रानी घाट प्रदेश देश नहीं ये विश्व में ख्यातिप्राप्त कर बहुत जल्द मशहूर होने के कगार पर पहुंच गई है.

इसे अतिशीघ्र पर्यटन विभाग को ध्यान में रखते हुए अविलंब पर्यटन क्षेत्र घोषित कर विकास किया जाना नितांत आवश्यकता है.शासन प्रशासन मिडिया को इसमें शामिल किया जाय जो वर्तमान स्थिति है उसे गंभीरता पूर्वक विचार कर आवागमन साधन को दुरुस्त रखने मे मददगार साबित हो. चन्द्रभूषण यदु ने कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ,एवं डीएफओ संजय यादव को भीड़ भरी बैताल रानी की सूचना दे दिया गया है.शासन प्रशासन अलर्ट होकर आवागमन की साधन के लिये बनाया रोड बैताल रानी का समस्याओं का समाधान कर आम जनों को राहत दिलाने का प्रयास किया जाए.

वनांचलवासियो को इस भीड़ के चलते काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है खासकर शनिवार व रविवार को इस बैतालरानी रोड की लोकप्रियता इतनी बढ़ चुकी है कि भीड़ अनियंत्रित व अवांछित सी हो जाती है इसे व्यवस्थित करने की आवश्यकता है पर्यटन स्थल की पूरी रूपरेखा के हिसाब से विकास हो पार्किंग,गेस्ट हाउस होटल रेस्टोरेंट पानी की सुविधा पुलिस ट्रैफिक नियंत्रक,नाका बेरियरअन्य आदि की की व्यवस्था जरूरी हो गया है.

▶️ प्रकृति से हो रही छेड़छाड़

बतादें कि अधिकतर पर्यटक बैतालरानी घाटी घुमने तो जा रहे है. लेकिन ज्यादातर पर्यटक साथ मे शराब की बोतल, पानी पाऊच, डिस्पोजल, चिप्स आदि के पैकेट लेकर जा रहे है. जो पर्यावरण के लिए किसी खतरे से कम नही है. बतादें कि इस समय ज्यादातर जंगली जानवर गांव की ओर कुच कर रहे है. वही शराबी लोग शराब पीकर शराब की शीशी , पानी पाऊच, डिस्पोजल आदि को जंगल मे ही छोड रहे है. जिससे पर्यावरण के ऊपर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. प्रशासन को चाहिए कि इस ओर ध्यान दें.

जंगल मे असामाजिक तत्त्व के लोग भी जा रहे है. जंगल को बचाने का पुरा प्रयास किया जा रहा है. ताकि हमारा जंगल सुरक्षित रहे.
संजय यादव डीएफओ खैरागढ़

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