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छुरिया तहसील कार्यालय मे किसान का आवेदन लेने से इनकार, कार्यालय के अधिकारी बाबू ठेकेदारों पर मेहरबान !

छुरिया ! DNnews-छत्तीसगढ़ मे भूपेश सरकार की मंशा है कि किसानों को जितना सुविधा व सरकारी योजनाओं का लाभ दिला सके. राजनांदगांव जिला कलेक्टर भी दिनरात ग्रामीण क्षेत्रों मे दौरा कर खेत खलिहानों तक पहुंच कर उनके तकलीफों को दूर करने का प्रयास लगातार कर रहे है.

इधर एसडीएम व तहसील कार्यालयों मे किसानों का कोई भी कार्य आसानी से नही होता. छुरिया तहसील कार्यालय का तो जवाब ही नही. यहां अधिकारी नही बाबू राज चलता है. इस कार्यालय मे किसानों के लिए नियम कानून है वहीं चढावा भेंट करने वाले बड़े ठेकेदारों को अवैध उत्खनन के लिए किसी भी किसान के खेत रिपेरिंग के नाम आवेदन लेकर लाखो का खेल कर दिया जाता है. बताते है कि हाल ही मे रणजीत सिह निवासी झितराटोला अपने स्वयं के खेत सुधारने तहसील कार्यालय आवेदन लेकर गया.

▶️नेताओ को परवाह नहीं क्षेत्र के किसानो का अधिकारी बाबू पर मेहरबान

छुरिया तहसील कार्यालय जो काफी लंबे समय से लगातार विवादों मे रहा है. आए दिन किसानों को यहां बाबू व अधिकारी के आतंक व मनमानी का शिकार होना पड़ता है. लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कान मे जूं तक नहीं रेगता. दिनांक 5 -11-2020 को एक किसान मुरारी गड़रिया ग्राम बरछाटोला निवासी का खेत सुधारने का आवेदन उनके द्वारा इसी कार्यलय मे जमा लिया गया. पूर्व मे घोघरे के एक किसान का भी आवेदन लिया गया है. बताते है कि घोघरे के किसान द्वारा एरीकेशन विभाग मे नहर नाली निर्माण का कार्य ठेके पर ठेकेदार को दिया गया है. जहां सैकड़ो ट्रीप मुरूम निकाल उक्त किसान ठेकेदार को मुरूम सप्लाई किया है तब ये राजस्व के अधिकारियो के पास क्या इन बड़े लोगों के लिए नियम कानून नही है.

▶️सत्ता सरकार के जनप्रतिनिधी को किसानों का परवाह नही

छुरिया तहसील कार्यालय के कारनामों से जहां क्षेत्र के किसान व आम आदमी परेशान है. वहीं सत्ता सरकार के नेताओं का भी यहां बाबू व अधिकारी द्वारा तवज्जो नही दिया जाता. इस मामले पर हाल ही मे स्थानीय विधायक से कांग्रेस के लोगो ने ही बाबू के रवैया को लेकर शिकायत किया. खबर है इस पर विधायक द्वारा तहसीलदार से बाबू के रवैये को लेकर चर्चा किया था. जो पर्याप्त नही था आम वरिष्ठ काग्रेसियों का कहना है कि विधायक को जिला कलेक्टर से इस सम्बंध मे चर्चा कर यहाँ के व्यवस्था को सुधारना चाहिए नही तो आने वाले समय मे ऐसे अधिकारी बाबू के चलते शासन प्रशासन का बदनामी व आक्रोश का सामना सत्ता के लोगों को करना पड़ सकता है.

हम किसानों का खेत सुधारने आवेदन नही ले सकते इसके लिए किसान माईनीगं कार्यालय जाए.
तहसीलदार श्रीमती नेहा ध्रुव छुरिया

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