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पाटेकोहरा चेकपोस्ट बन सकता है सरकार को बदनाम करने का कारण !

Akil meman chhuriya

▶️चेकपोस्ट मे ट्रको की लंबी कतारें अवैध उगाही बया करती है

छुरिया ! DNnews- छत्तीसगढ़ प्रदेश मे तत्तकालीन भाजपा सरकार के तीन कार्यकाल मे प्रदेश भर के आरटीओ विभाग व चेकपोस्ट बेरियरो मे भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था. पाटेकोहरा चेकपोस्ट प्रदेश मे अवैध उगाही का सबसे चर्चित चेकपोस्ट माना जाता था. यहां के उगाही से प्रदेश के सभी दलो के सफेदपोश नेताओं व भ्रष्ट अफसरों को प्रतिमाह मोटी रकम भेट किया जाता रहा. बताते है कि यहां के उगाही से राजनीतिक रैलियों व अन्य बड़े आयोजन के लिए लाखों रूपया खर्च किए जाते थे. देश व प्रदेश के लोगों के नजरों मे पाटेकोहरा आरटीओ चेकपोस्ट मतलब लुट भ्रष्टाचार का दूसरा नाम माना जाता रहा है. बताते है कि एक समय भाजपा के केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने आरटीओ को चम्बल के डाकुओं से तुलना कर दिया था.

▶️भाजपा सरकार के समय बेरियरो को किया गया बंद

छत्तीसगढ़ मे भाजपा तीसरे बार सरकार के अन्तिम समय मे वर्ष 2017 मे चेकपोस्ट व उडनदस्ता को अधिक बदनामी के वजह से प्रेदश मे बंद कर दिया गया था.

चौथे बार प्रदेश मे भाजपा सरकार नही बना प्रदेश मे कांग्रेस का सरकार बना उसके मुखिया भूपेश बधेल मुख्यमंत्री बने उन्होंने ने भी प्रदेश मे आरटीओ बेरियरो व ऊड़नदस्ता पर तल्ख टीप्पणी किया था. उनके नजरों मे आरटीओ के कार्यशैली से बदनामी का अंदाजा था. काफी समय तक पुनः प्रदेश मे परिवाहन चेकपोस्ट चालू करने के पक्ष मे नही थे मगर प्रदेश मे राजस्व की कमी को देखते हुए पुनः चेकपोस्ट व उड़नदस्ता को चालू करने का निर्णय लिया गया शुरू के चार माह सब कुछ ठीक चलता रहा था. इमानदार प्रभारी आए मगर उन्हें छः माह टिकने नहीं दीया गया. कुछ पुराने स्थानीय कर्मचारियों को यहां कार्य पर नही लिया गया जो बीते समय मे खासा मलाई खाए हुए थे उन्हें संविदा मे रखे गए कर्मचारी हजम नही हो रहा है. इसके चलते खबर है सरकारी व प्राईवेट कर्मचारियों का गुटबाजी यहां विवाद का कारण बना हुआ है. इसके चलते व कुछ लोग विपक्ष मानसिकता के वाहन मालिकों के साथ योजनाबद्ध तरीके समय समय पर अवैध उगाही को आड़ बनाकर विवाद खड़ा कर सरकार व विभागीय मंत्री को बदनाम करने का हथकंडा अपनाया जाने का खेल रहा है.

▶️चेकपोस्ट मे अवैध उगाही के वजह सेआए दिन जाम व विवाद की स्थिति

पाटेकोहरा चेकपोस्ट मे इमानदार अफसर जिन्हे छः माह के लिए भेजा जाता है वह तीन से चार माह ही रह पाते है आए दिन अवैध उगाही को लेकर ट्रकों की लम्बी कतारे व लड़ाई झगड़ा विवाद आम लोगो व ट्रक मालिकों के लिए मुसीबत का वजह बन गया है. समय रहते विभागीय कर्मचारियों का संख्या नही बढ़ाया गया तो संविदा व प्राईवेट कर्मचारी के वजह से चेकपोस्ट सरकार के लिए बदनामी का सबब बन सकता है.

▶️बाहरी व्यक्तियो का हस्ताक्षेप बरकरार

पाटेकोहरा चेकपोस्ट पुनः जबसे चालू हुआ व्यवस्था मे अलग अलग प्रभारी का प्रयोग व बाहरी व्यक्तियो का हस्तक्षेप से व्यवस्था पटरी मे नही बैठ पा रहा. बताते है कि इस वजह से वहा पुराने परंपरा अवैध उगाही चरम सीमा पर है जो पुराने ढर्रे को याद दिला रहा है।

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