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पुर्ण तहसील का दर्जा दिलाने घुमका वासियों ने व्यवसायिक प्रतिष्ठाने रखा बंद , इधर बंद को मिला भरपूर समर्थन !

▶️1 नवम्बर राज्योत्सव पर पूर्ण तहसील की घोषणा करने का दिया अल्टीमेटम

▶️पूर्व में दिए गए पूर्ण तहसील निर्माण की मांग पर ज्ञापन के पश्चात अब तक की कारवाई का मांगा जवाब

घुमका ! DNnews- पूर्ण तहसील निर्माण सेना द्वारा घुमका को पूर्ण तहसील का दर्जा दिलाने की अपील पर आज व्यापारियों द्वारा घुमका स्वस्फूर्त बंद का व्यापक असर देखने को मिला. आवश्यक सेवाए मेडिकल को छोड़कर सुबह से ही दुकानो के शटर नही खुले, व्यापारी भी खुलकर सामने आए. तहसील निर्माण के सदस्यों व ग्रामवासियो द्वारा नारेबाजी के साथ नगर में घूमकर बंद की अपील की.बंद शांतिपूर्ण रहा पुलिस प्रशासन बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रहे.सेना द्वारा नायब तहसीलदार को पत्र देकर पूर्व में 25 अगस्त को महामहिम राज्यपाल,मुख्यमंत्री व जिलाधीश महोदय के नाम दिए गए ज्ञापन पर अब तक पूर्ण तहसील के दर्जे पर क्या कार्यवाही हुई इसका जवाब मांगा गया है.

▶️ क्रमिक भूख हड़ताल की चेतावनी

पूर्ण तहसील निर्माण सेना के अध्यक्ष गौरव शर्मा, पीयूष दुबे व नोहेंद्र सिन्हा ने संयुक्त बयान में सरकार से एक नवम्बर राज्योत्सव पर घुमका को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की मांग की है. अन्यथा क्रमिक भूख हड़ताल व उग्र आंदोलन जनता द्वारा किये जाने की बात कही है.

▶️ तहसील निर्माण सेना ने झोकी तकत

ज्ञात हो कि सरकार द्वारा वर्तमान में ही पूरे छत्तीसगढ़ में कई नए तहसीलों की सौगात दी गई किंतु घुमका क्षेत्रवासी विगत लगभग 17 वर्षों से उपतहसील होने के बाद भी तहसील के दर्जे की प्राप्ति के लिए तरस रहा है सरकार के इस सौतेले व्यवहार पर क्षेत्र की जनता में सरकार की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्याप्त है। घुमका को पूर्ण तहसील दर्जा दिलाने तहसील निर्माण सेना द्वारा विगत दिनों महामहिम राज्यपाल जी, माननीय मुख्यमंत्री जी व जिलाधीश महोदय को स्थानीय नायबतहसीलदार के माध्य्म से ज्ञापन सौपा गया है. साथ ही ग्रामवासियो द्वारा ग्राम सभा मे पूर्ण तहसील निर्माण का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया है। किंतु घुमका को अभी तक पूर्ण तहसील का दर्जा नही मिलना सरकार के सौतेले व्यवहार को दर्शाता है.

सरकार के इस रवैये से अब जनता में विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं तहसील निर्माण सेना की अपील पर आज घुमका नगर बंद कर आज व्यपारियो ने प्रशासन तक अपनी आवाज व मांग को पहुंचाने का प्रयास किया व तहसील का दर्जा नही मिलने पर आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

आज नगर बंद के दौरान प्रमुख रूप से उप सरपंच राजेश वर्मा, ग्राम पटेल बाबूलाल वर्मा, जनपद सदस्य दिलीप पटेल, केशव जंघेल, डिलेश्वर वर्मा, दुर्गेश द्विवेदी, प्रह्लाद यादव, राजेश तिवारी, किशन चंदेल, तरुण पटेल, विशेक मानिकपुरी, सूरज पात्रे, आशीष मिर्झा, बलराम वर्मा, तारकेश निर्मलकर, होमलाल वर्मा,ओमकार वर्मा, शेखर वर्मा, गीतांशु मानिकपुरी, रसूल खान, बलराम सिंह राजपूत, प्रवीण यदु, राजेन्द्र साहू, संजय पटेल, भूषण वर्मा, मुरली, गोवर्धन, होरी लाल, चंद्रभूषण पटेल, महेस वर्मा,गोपी, छत्रपाल ,दीपक वर्मा, डेने लाल वर्मा, शुशील वर्मा, चंद्रकांत दुबे,एकांत दुबे, किशोर साहू, रूपेंद्र यादव, योगेश वर्मा, नितेश पटेल, बांके लाल श्रीवास, बी एल वर्मा, कमल बंजारे, खिलेश बंजारे, ओमप्रकाश पटिला, राकेश वर्मा, खोमलाल, विवेक आडिल, हिरजु दास वर्मा, बिरसिंग पटेल, दलाल साहू, मोती वर्मा, रोहित वर्मा, आलोक भारती, विकास पाल, राजा भारती, बालेश्वर वर्मा, लुकेश पटेल, अरुण वर्मा, तेजकमल, नरेस साहू, पिंटू निर्मलकर, देवराज वर्मा, किशन निर्मलकर, महेस पटेल, करण, थानेश्वर यादव, विदेशी साहू, मनोज देवांगन, फागु यादव, विकास ,अशोक साहू, गनपत यादव, गौरव बघेल, रोहित बाघ, राजेन्द्र वर्मा,संतराम वर्मा, लछमन सेन, शेख रशीद,कोमल पटेल, समारू, टूमन निर्मलकर, मन्नू वर्मा, बसन्त वर्मा, मेसु, राजू पटिला, महेंद्र गजपाल, भूपेंद्र देवांगन, वैभव बघेल, पवन विश्व कर्मा, जयंत बघेल सहित बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे.

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