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प्यास बुझाने नदी किनारे आए हिरण को आवारा कुत्तों ने नोच कर मार डाला !

Dileep shukla salhewara.

साल्हेवारा ! DNnews- वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा से महज 6 किलोमीटर की दूरी में मां बंजारी मंदिर के पास एक नर युवा हिरण अपनी प्यास बुझाने नदी का पानी पीने में लगा हुआ था की अचानक मंदिर के आसपास प्रांगण में घूमने वाले आवारा कुत्तों की नजर उस हिरन पर पड़ी कुत्तों के झुंड ने 3 वर्षीय नर हिरण पर हमला बोल दिया अपनी जान बचाने को लेकर हिरण काफी मशक्कत के साथ दूर भागने की कोशिश करता रहा पर कुत्तों की पकड़ से वह अपने आप को बचाने में असफल रहा.

▶️ दुकानदारों ने कुत्तों की आवाज सुनकर हिरण को बचाने का किया प्रयास

मंदिर के आसपास नारियल अगरबत्ती फूल बेचने वाले छोटे दुकानदारों ने जब कुत्तों के शोर की आवाज सुनी तो वह जंगल की ओर दौड़े और देखा कि कुत्तों ने चीतल को चारों तरफ से पकड़ रखा है हिरण की जान बचाने के लिए आसपास दुकानदारों ने कुत्तों पर पत्थरों की बारिश की व छुड़ाना चाहा मगर कुत्ते वन्य जीव को अपने आसपास पाकर उन्हें तब तक नहीं छोड़ा जब तक हिरण ने अपने प्राण नही त्याग दिए. कुत्तों के छोड़ने के बाद पास के ग्रामीणों ने नदी का पानी लाकर उसे पिला पिला कर बचाने का प्रयास भी किया पर हिरण कमजोर दिल के होने के कारण उसे नहीं बचा पाए.

▶️ ग्रामीणो ने विभाग को दी सुचना

बाद मे तत्काल फोन के माध्यम से उन्होंने नवागांव उत्तर कक्ष क्रमांक p 32 के परिसर रक्षक फाडु राम यादव को सूचना दी कि पानी पीने आए चीतल को कुत्तों ने मार दिया है परिसर रक्षक ने तत्काल अपने ऊपर सहायक परिक्षेत्र अधिकारी संतोष नेताम को चीतल पर हमले की सूचना दी खबर मिलते ही तत्काल संतोष नेताम अपने निजी उपयोग के लिए रखी फोर व्हीलर पर घटनास्थल की ओर रवाना हुए घटनास्थल पर पहुंच कर पंचनामा तैयार कर अपने निजी वाहन में चीतल के शव को साल्हेवारा वन डिपो में लाए व उन्होंने तत्काल अपने साल्हेवारा वन परिक्षेत्र अधिकारी डीएस जंघेल के साथ ही साथ वेटरनरी असिस्टेंट सर्जन संदीप इंदुलकर को मृत हिरण की जानकारी दी।

सर्जन संदीप इंदुलकर के द्वारा मृत नर हिरण उम्र 3 वर्ष के बाएं पैर के जांघ की मांस 142 सेंटीमीटर लंबा व 80 सेंटीमीटर ऊंचा जख्म कुत्तों के हमलों के दौरान होने की पुष्टि की
अनुसूची 3 के अंतर्गत होने के कारण हिरण का अंतिम संस्कार ना करते हुए उसे जंगली मांसाहारी वन्य प्राणियों के भोजन के लिए जंगल में छोड़ने का प्रावधान है आदेशों का पालन करते हुए मृत हिरण के शव को जंगल में छोड़ दिया गया।

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