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बिजली की आंख मिचौली से उदयपुर क्षेत्र के ग्रामीण बेतहाशा परेशान !

◆बारिश से बिजली बंद न हो कोई प्लान नही

छुईखदान ! DNnews- उदयपुर के आसपास के गांव कोटरा, सीताडबरी, बोरई, कुटेली, साल्हे कला, आमाघाट कादा, खपरी सहित आसपास के गांवों में पिछले महीने भर से बिजली ने परेशान कर रखा है. यहां के कर्मचारियों के रवैया के चलते उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. क्षेत्र में जो भी कर्मचारी बिजली विभाग के अंतर्गत कार्यरत है यह उपभोक्ताओं से व्यवहारिक ढंग से बात नहीं करते. यह भी खबर है कि जब भी लाइट बंद होती है संबंधित कर्मचारियों का मोबाइल भी स्विच ऑफ हो जाता है. इस वजह से उपभोक्ताओं को और भी परेशानी होती है. हल्की बारिश व आंधी तूफान से तुरंत बिजली काट दी जाती है. जो घंटों बंद रहता है बिजली बंद होने के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बतादें कि सुबह से ही बिजली को काट दिया जाता है. जहां लोगों को पेयजल की समस्या भी बनी रहती है. अधिकांश लोग नल जल व बोर कनेक्शन से ही पीने की पानी लेते हैं. लेकिन ऐन वक्त पर बिजली बंद हो जाने के कारण लोगों को पीने की पानी नसीब नहीं होती. वही बार-बार पावर कट होने के कारण कंप्यूटर सेंटर, फोटो कॉपी दुकान, बैंकिंग काम सहित अनेकों काम प्रभावित हो जाते हैं संबंधित विभाग के कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं देते.

▶️मेंटेनेंस के नाम पर खानापूर्ति

बता दें कि हर साल बारिश के पहले ही मेंटेनेंस का काम किया जाना होता है लेकिन मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूर्ति ही देखी जा सकती है. क्षेत्र में झुके हुए खंभे, तार का पेड़ों से टकराना आम बात हो गई है. वहीं क्षेत्र में हमेशा बिजली से दुर्घटना होती रहती है जिससे विभाग अभी तक सीख नहीं लिए हैं.

▶️केबल कटआउट की भी समस्या बनी हुई है

बता दें कि क्षेत्र में अधिकांश ट्रांसफार्मरों में केवल कटआउट की भी समस्या बनी हुई है खुले में केवल कटआउट ऐसे ही पड़ा रहता है जिससे जान-माल की खतरा बना रहता है विभाग के पास फंड होने के बाद भी केबल कटआउट को दुरुस्त नहीं कर रहे हैं. स्थिति ऐसा ही रहा तो आने वाले समय में बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है विभाग को इस ओर ध्यान देकर उचित कार्यवाही भी करना चाहिए.

” टेक्निकल फाल्ट तो हो जाता है.तभी दिक्कत आती है. फाल्ट को ढुंढने मे टाईम लग जाता है. जहां फाल्ट होता है उसे सुधारा जाता है. वहीं समस्या को सुधारने मे सभी स्टाफ लगे हुए है.”
मदालसा विश्वकर्मा एई छुईखदान

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