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राजधानी के निजी अस्पताल को नोटिस, कोरोना मरीजों के इलाज के नाम पर लाखों की लूट !

आरडीसी में मरीजों को मिल रही विशेष ट्रीटमेंट, रियायतों में हो रहा ईलाज

छुरिया ! DNnews-छत्तीसगढ़ में कोरोना महामारी से प्रभावित मरीजों के ईलाज के नाम से लूट के अनेक मामले सुर्खियो पर हैं। खबर है शासन द्वारा निर्धारित दर से लाखों रूपया अधिक वसूली को लेकर ऐसे ही राजधानी स्थित लगभग 16 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। सूत्रों से जानकारी है इसमें मेडीसाइन, रामकृष्ण जैसे नामी अस्पताल भी शामिल हैं। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा नोटिस जारी किया है। वहीं सुन्दरा स्थित सुपर स्पेशलिटी हास्पीटल के ऊपर भी बड़ी कार्यवाही हाल ही में हुई है।

▶️जीवन रेखा हॉस्पिटल कोविड राजनांदगांव में ईलाज में लापरवाही से मरीज की हालत नाजुक

चिचोला निवासी जाफर अली के छोटे भाई की तबीयत बिगड़ने के वजह से उन्हें राजनादगांव के जीवन रेखा निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अली ने बताया यहां रात भर ईलाज तो दूर मरीज को देखने वाला कोई नहीं था। सुबह तक मरीज का हालत बिगड़ते गई। जाफर अली ने आगे बताया कि सुबह वे तत्काल जीवन रेखा अस्पताल पहुंचे जहाँ सिर्फ मरीजों को ईलाज के नाम से लूटा जाता है, हमने मरीज को डिस्चार्ज कराकर उन्हें रायपुर दूसरे अस्पताल में भर्ती करवाया।

▶️आरडीसी अस्पताल मरीजों के लिए मन्दिर है

छुरिया निवासी अकील मेमन ने बताया कि उनके पुत्र को विगत दिनों खासी-सर्दी की वजह से ईलाज के नाम से जीवन रेखा अस्पताल राजनांदगांव में लेकर गए, जहाँ उन्होंने अपने पुत्र को एचआरसीटी करवाया। उसमें थोड़ा सा इन्फेक्शन था। डाक्टर द्वारा जबरन उन्हें कोविड सेन्टर मे भर्ती कराने का दबाव बनाया गया। मेमन ने बताया उन्होंने एडमिट नहीं किया। सुबह तक आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट का इन्तजार किया। उन्होंने बताया वे अपने पुत्र को घर ले आए। अगले दिन सुबह उनके पुत्र का रिपोर्ट निगेटिव आया। मेमन ने बताया फिर वे राजनांदगांव शहर के अन्दर आरडीसी नाम से एक निजी अस्पताल मे अपने पुत्र को इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहाँ चार दिन तक ईलाज और वो भी बहुत कम पैसे में उनके पुत्र पूरी तरह से स्वस्थ व मस्त होकर घर घर लौटे। उन्होंने आगे कहा आज जहां प्रदेश मे कोरोना महामारी में इलाज के नाम पर मरीजों से जिस तरह से कुछ निजी अस्पताल लुट मचाए हुए हैं, वहीं राजनांदगांव शहर के आरडीसी अस्पताल के डॉक्टरों व स्टॉफ ने इन्सानियत की मिशाल पेश की है। जहाँ डॉ. फूलेन्द उईके उनकी पत्नी डॉ. श्रीमती उईके अपने स्टॉफ के साथ सरल व सुन्दर व्यवस्था के साथ मरीजों का इलाज पैसा लूटने के हिसाब से नहीं बल्कि उन्हें स्वस्थ्य करने के भावना से ईलाज करने का दावा किया है। उन्होंने कहा आरडीसी अस्पताल नहीं मरीजों का मन्दिर है।

▶️ऐसे अस्पताल को शासन करे सम्मानित

कोरोना महामारी के दौर में जहां निजी अस्पतालों के द्वारा आपदा में अवसर ढूंढा जा रहा है ऐसे दौर में भी आरडीसी हॉस्पिटल राजनांदगांव लगातार मरीजों की विशेष देखभाल कर उच्च स्तर के ट्रीटमेंट से पिछे नहीं हट रहा है। ऐसे अस्पतालों को भविष्य में उनके इस कार्य हेतु सम्मानित करने की पहल शासन प्रशासन को करनी चाहिए।

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