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वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा मे जमकर बारिश नदी नाले उफान पर, इधर किसानों के चेहरे खिले !

Dileep shukla salhewara.

साल्हेवारा ! DNnews-तेज कड़कड़ाती धूप व उमस से जूझ रहा वनांचल साल्हेवारा में किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को जबरदस्त पानी की आवश्यकता थी किसानों के चेहरे लगभग मुरझा से गए थे लोगो मे अकाल जैसी चर्चाएं चालू हो चुकी थी इसी बीच गणपति जी ने आते आते ऐसी कृपा करी की वनांचल चारो तरफ जलमग्न हो गया. जिस दिन प्रथम पूज्य देवता गणेश जी को धरती पर विराजना था उस दिन विराजने के पूर्व इतनी घनी व मूसलाधार बारिश हुई कि खेत लबालब व नदी नाले सब उफान पर थे.

जबरदस्त बारिश से बकरकट्टा से साल्हेवारा आने व जाने का मार्ग आवागमन लगभग दो घण्टे से ज्यादा समय तक अवरूद्ध रहा. लोग इस मार्ग पर पड़ने वाले चटर्रा नाला,उसके बाद आमानाला व फिर त्रिशूल नाला भारी उफान में बह रहा था इन नालों के इसी प्रकार मार्ग अवरुद्ध हो जाने से परेशानी के चलते बकरकट्टा से रामपुर सड़क चौड़ीकरण व इन तीनो नालों का ठेका हुआ है पुलों के निर्माण का कार्य बीवी वर्मा कंस्ट्रक्शन कम्पनी व रोड चौड़ीकरण का कार्य रत्ना खनिज कंस्ट्रक्शन कम्पनी को मिला है.सड़क चौड़ीकरण का कार्य रत्ना खनिज ने पूर्व निर्मित रोड के डामर को ऊखाड़कर व कुछ जगहों पर हाइवा से गिट्टी गिरवाकर काम को अधूरा छोड़ दिया था जिससे वनांचल के लोगो का चलना दूभर हो चुका था रोज दर्जनों लोग शिकवा शिकायत करते रहे 1 घण्टे के मार्ग को कछुवा चाल में 3 से 4 घण्टे के सफर में गिरते लड़खड़ाते पूरा करते रहे व डाली गई गिट्टी लोगो के तकलीफ पुर्ण आवागमन से रोड में बैठती गई पुल निर्माण का कार्य तो बीवी वर्मा कंस्ट्रक्शन कर रहा है लेकिन उस समय के बाद से रोड का कार्य चालू हुआ या नही जानकारी नही हो पाई है मूसलाधार बारिश जब जब हुई है ये तीनो नालों से मार्ग,आवागमन अवरूद्ध होता रहा है तीनो पुलों के बन जाने से आवागमन में राहत महसूस होगी आने जाने वाले वनांचल वासियों को,वैताल रानी बन जाने से बाढ़ से भी थोड़ी राहत तो है लेकिन चटर्रा नाला के पूर्व रहवासियों को ही इस बाढ़ से व उस मार्ग से आने वाले राहगीरों को ही एक निश्चित स्थान तक ही.

इधर बिजली की समस्या है रह रह कर बिजली गुल हो रही है व लोग बिजली कि समस्या से हलाकान है व परेशान है जिससे नींद पूरी न होने के चलते उनकी मानसिकता व शारीरिक क्षमता प्रभावित होने से कई कार्य प्रभावित हो रहे है सालभर मेंटनेंस के नाम पर लाइट बन्द रखने वाला बिजली विभाग खुद बार-बार हो रही स्वयं की बिजली व्यवस्था से सोच में है व परेशान है कि मेंटनेंस के समय ईमानदारी अपनायी होती तो ये लगातार परेशानी नही होती.बिजली आफिस का नम्बर बंद पड़ा है ऐसे समय मे अधिकारियों का नम्बर लगता नही कवरेज के बाहर बताता है ऐसी सभी मिली जुली समस्या से जूझने लगता है बारिश के कारण वनांचल।मोबाइल नेटवर्क भी बिजली बारिस के साथ गायब हो जाता है.

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