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वनांचल गांव घोघरे के प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक द्वारा मध्यान्ह भोजन मे गुणवत्ता विहीन दाल परोसने पर पालको मे आक्रोश !

▶️ घटिया दाल वितरण से पालको मे रोष

▶️ राजनीतिक संरक्षण के चलते प्रधान पाठक पर नही होती कार्यवाही

छुईखदान ! DNnews-छुईखदान ब्लाक के शिक्षा विभाग मे आए दिनों नए-नए मामलो को लेकर सुर्खियों मे रहता है. यहां अधिकारियों का निचले स्तर के कर्मचारियों पर कोई लगाम नही है. यही कारण है कि यहां शिक्षक मनमर्ज़ी से स्कूल आते जाते है व मनमानी से काम करते है. वनांचल ग्राम घोघरे में प्रधान पाठक राजेन्द्र महोबिया मनमानी करते हुए छात्र-छात्राओं की सेहत के साथ खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है. जब इस मामले का पता पालको को चला तो पालक एकजुट होकर उच्चाधिकारियों को शिकायत किए.

छुईखदान के वनांचल वाले इलाकों में मध्यान्ह भोजन योजना का बुरा हाल है. शिकायतें पहले भी किये लेकिन उच्चाधिकारी संज्ञान नही लिए. कोरोना काल के आड़ मे अब तक कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति ही होती आयी है. हालात यह हैं कि उन इलाकों में जहां सुगम यातायात व्यवस्था नहीं और वन क्षेत्रों में संचालित स्कूलों में किसी भी तरह की कार्यवाही के डर से अछूते शासकीय स्कूलों के मध्यान्ह भोजन संचालनकर्ता प्रभारी राजेन्द्र महोबिया अपनी मनमानी से बाज नही आ रहे है. स्कूली छात्र-छात्राओं को सड़ी हुई सब्जियां, खराब चांवल और जानवरों को भी न परोसी जा सके ऐसी दाल पकवाकर खिलाई जा रही है. जिसका स्वाद बेहद कड़वा है.

▶️ राजनीतिक पहुंच का हवाला देते है प्रधान पाठक

ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान पाठक महोबिया से जब ग्रामीणों ने व्यवस्था दुरूस्त करने मांग की गई तो गुरूजी नाराज हो गये. और ग्रामीणों के साथ ही दुर्व्यवहार करते हुये अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर धमकी दी की जिसे जो करना है कर ले. शिक्षक के इस व्यवहार को देख बुधवार को शिकायत लेकर विकास खंड छुईखदान ग्राम घोघरे के ग्रामीण सरपंच, पंच सहित बड़ी संख्या में विधायक देवव्रत सिंह से मिलने खैरागढ़ पहुंचे. ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम घोघरे के प्राथमिक शाला में स्कूली छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बहुत ही खराब खाना खिलाया जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि यहां पदस्थ राजेन्द्र महोबिया प्रधानपाठक द्वारा छात्रों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है. और सड़ी हुई सब्जी तथा बेहद कड़वी खराब दाल बच्चो को पकाकर खिलाया जा रहा है. घोघरे में मध्यान्ह भोजन को लेकर प्रधानपाठक ने ऐसी व्यवस्था की है कि उसकी अनुपस्थिति में भी खराब भोजन दिया जा रहा है. वहीं ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान पाठक राजेन्द्र महोबिया महीने में दो या तीन दिन ही स्कूल आता है. ऐसे में छात्र-छात्राओं की सरकारी नियम के अनुरूप पढ़ाई तो हो नहीं पा रही वहीं बेहद खराब खाना छात्रों को देने से उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ भी हो रहा है.

▶️ ये तो जानवर के खाने लायक भी नही : देवव्रत

विधायक ने दाल देखकर कहा इसे तो जानवर भी नहीं खा सकते मध्यान्ह भोजन की शिकायत करने पहुंचे ग्रामीणों ने स्कूल से जप्त की गई कुछ दाल भी विधायक देवव्रत सिंह को दिखाया और बताया कि दाल बहुत ही खराब और कड़वी है जिसे स्कूली बच्चे खा नहीं पा रहे हैं. अपने हाथों से दाल देखने के बाद विधायक ने कहा कि इतनी खराब दाल जानवर भी नहीं खा सकते. सरपंच सहित ग्रामीणों की समस्या को सुनकर विधायक सख्त हुये और दोषियों पर फौरन शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़ी कार्यवाही के लिए निर्देश दिए. इसकी जानकारी होने पर विधायक श्री सिंह ने कहा कि कोई कितना भी बड़ा आदमी रहे नियम कानून सबके लिये बराबर है. मासूम बच्चो के स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता.

मामले में उचित कार्यवाही के लिये वे शासन स्तर पर बात करेंगे. मामले की शिकायत करने पहुंचे सरपंच कवल सिंग, कोटवार जयराम, मोजी, लछमण,रंजीत लाल,सुखराम,दुर्गा वर्मा,सरजू, ओमप्रकाष, रत्नेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

“घोघरे का मामला गंभीर है, वहां के ग्रामीण मेरे पास शिकायत लेकर आए थे मैने अधिकारियों को वहां के प्रधान पाठक का वेतन रोकने व निलंबित की कार्यवाही करने की बात कही है.”
देवव्रत सिंह विधायक खैरागढ़

“स्कूल के बचे दाल को जप्त कराया गया है. वहां समूह नही होने के कारण शिक्षक लोग मध्यान्ह भोजन देख रहे है. प्रधान पाठक के लिए शोकाज नोटिस जारी कर कलेक्टर व डीईओ को भेजा जायेगा. “
सुनील मिश्रा विकाखंड शिक्षा अधिकारी छुईखदान

” गलती से खराब दाल बट गया है. जिसे वापिस मंगाया गया है. लेकिन पालक लोग वापिस करने के लिए तैयार नही है.”
राजेंद्र महोबिया प्रधान पाठक शाप्राशा घोघरे

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