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शिक्षक दिवस पर विशेष,शिक्षक एक दर्पण !

Dileep shukla salhewara.

साल्हेवारा ! DNnews- शिक्षा जगत में एक परपंरा चली आ रही है गुरु और शिष्य का जो प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक शाला से लेकर उच्च शिक्षा तक गुरु शिष्य को कुम्हार की घड़े की तरह बनाते है

गुरु कुम्हार शिष्य कुंभ है गढ़ गढ़ काटे खोट,
अंतर हाथ सहार दे ,बाहर मारे चोट !

जैसे कुम्हार कच्चे मिट्टी को तैयार कर उसे घड़े का स्वरुप देता है अंदर से हाथ में सहारा देकर बाहर से पीटता है और सुंदर घड़े का निर्माण कर आवा में पकाकर पक्का कर देता है.
वैसे शिक्षक कच्चा बालक को अ से लेकर ज्ञ तक बावन अक्षरों का ज्ञान कराकर 1 से लेकर 100 तक गिनती के बोध कराता है .धीरे धीरे बच्चा मानसिक शारीरीक बौद्धिक विकास करते प्राथमिक माध्यमिक हाई स्कूल हायर सेंकडरी पार करते हुये उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज परिवार माता पिता गुरु का नाम रोशन कर देश विदेश में स्वणर्णीम भविष्य का सुहाना सफर करता है ऐसे ही हमारे वनांचल क्षेत्र में भी एक दो गुरु जन है जो हमारे बीच वर्षो से हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा का संस्कार संचार करते हूये मन से समय पर अपने कार्य का सफल संचालन करते हुये बच्चों का भविष्य को लेकर अपनी बहुमुल्य बेमिसाल पढाई के नाम से जाने जाते है.

कोपरो मिडिल स्कुल से धनीराम डड़सेना, नचनिया माध्यमिक शाला प्रभारी प्रधान पाठक डेरहा राम साहु,उत्तम भट्ट मिडिल स्कूल खादी से तन मन से शिक्षा विभाग में निरतंर सेवायें देते आ रहे है जो काबिले तारीफ है.डेरहा राम साहू की स्कूल में पढ़ाने के लिए सम्पूर्ण दीवाल में चित्रकारी के माध्यम से एक विशेष प्रकार से पढ़ाने के तरीके ने खूब वाहवाही बटोरी है. अधिकारीगणों ने खूब सराहा है,धनीराम डड़सेना की अंग्रेजी व गणित में विशेषज्ञता से विद्यार्थी भरपूर लाभान्वित होते रहे है.उत्तम भट्ट शिक्षक गणित व विज्ञान विषय मे काफी महारत हासिल है व उनका गणित पढ़ाने का अंदाज अपने आप मे अलग मायने रखता है हालांकि वो माध्यमिक शाला में शिक्षक है लेकिन हाई स्कूल के बहुत से छात्र छात्राओं को अपने कुशल मार्गदर्शन से लगभग अधिकतर छात्र छात्राएं प्रथम श्रेणी से भी बेहतर अंकों से उत्तीर्ण होते रहे है व एक छात्रा ने तो शिक्षा सत्र शायद 2019,20 में जिले मे 8 वा स्थान भी अर्जित किया था उनके बेहतर मार्गदर्शन में.जो शिक्षकों में जो गुण होना चाहिये उनमें कुट कुट कर भरा है शिक्षक एक दर्पण है उनके व्यवहार से झलकता है

धरती सब कागद करु ,लेखन सब बनराय,
सारे समुद्र की मसि करु, गुरु गुन लिखा ना जाय !

ऐसे महान गुरुओ के बारे में लिखा भी है गुरु का अर्थ है गु मतलब अंधकार रु मतलब प्रकाश गुरु अंधकार रुपी दूनिया से निकाल कर प्रकाश रुपी संसार में जीने की कला सिखाता है. जीवन को आसान बनाता है उसी का नाम गुरु है पांच सितम्बर शिक्षक दिवस पर समस्त वनांचल वासियों की ओर से समस्त गुरु जनों को सादर प्रणाम व बधाई।इनके पढायें बच्चे आज अच्छी अच्छी पोस्ट में नौकरी कर रहे है.जो सम्मान के हकदार है हम ऐसे जांबाज शिक्षकों को सेल्युट करतें है.

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