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शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने शिक्षक ने गलियों को बनाया क्लासरूम और दीवार को ब्लैकबोर्ड !

Prakash verma rajnadgaon.

▶️शिक्षक की सोच : खैरागढ़ ब्लाक के कुकुरमुड़ा प्रायमरी स्कूल के सहायक शिक्षक देवेंद्र की पहल अब जिले ढाई सौ गांवों तक पहुंच गई है..

शिक्षक दिवस पर विशेष

राजनांदगांव ! DNnews-गांव की गलियों, चौक-चौराहों पर लिखे विज्ञापन और स्लोगन को देख-पढ़कर बच्चें अक्सर कई उत्पादों को जान जाते है, तो फिर गिनती, पहाड़ा और जोड़-घटाव को क्यों नहीं सीख सकते। एक शिक्षक की इसी सोच ने राजनांदगांव जिले के खैरागढ़-छुईखदान, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर ब्लाक के ढाई सौ से अधिक गांवों की गलियों को क्लासरूम और दीवारों को ब्लैकबोर्ड बना दिया है। इस पहल खैरागढ़ ब्लाक के ग्राम कुकुरमुड़ा प्रायमरी स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक देवेंद्र यादव ने महिला समूह और पालकों की मदद से आसपास के गांवों तक पहुंचाया, जिसके बाद यह अभियान जिले के अन्य ब्लाकों में भी सकारात्मक असर दिखा रहा है। बच्चें अब खेलते-खेलते अपने गांव की गलियों में स्कूल की तरह पढ़ रहे हैं.

▶️ लाकडाउन में दिखा असर
शिक्षक देवेंद्र यादव ने बताया कि जुलाई वर्ष 2019 में उन्होंने गांव के समाजसेवी बैदनाथ वर्मा से इस पहल पर चर्चा की। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों व गांव की शिव महिला समूह और पालकों की सहमति लेकर गांव के हर गली-मोहल्ले की दीवारों पर पहाड़ा, गिनती, जोड़-घटाव, फल-फूल के नाम सहित कई तालिका बनाई। जो प्रायमरी स्तर के बच्चों को स्कूल में सिखाया जाता है। वर्ष 2020 में जब कोरोना महामारी ने दस्तक दी, तब लाकडाउन में शिक्षक की इस पहल का सकारात्मक असर दिखा। वर्तमान में भी स्कूल आते-जाते समय और स्कूल छुट्टी के बाद या छुट्टी के दिन खेलते-खेलते बच्चें दीवारों पर बनी तालिकाओं को देखकर पढ़ते हैं.

▶️ जिले के अन्य ब्लाकों में पहुंचा अभियान

कुकुरमुड़ा गांव की महिलाओं ने सबसे पहले शिक्षक की पहल का प्रयोग गांव की दीवारों पर किया। गांव में जब इसका बेहतर परिणाम देखने को मिला तब आसपास गांव की समूह की महिलाओं से चर्चा की। इसके बाद यह अभियान कुकुरूमुड़ा जैसे छोटे गांव से होकर बाजार अतरिया, टेकापार कला, शेरगढ़, दिलीपपुर, चिचका, साल्हेभर्री और सोनपुरी तक पहुंच गया है। वर्तमान में यह अभियान खैरागढ़ व छुईखदान ब्लाक से आगे बढ़कर राजनांदगांव, अंबागढ़ चौकी, मोहला-मानपुर के गांवों तक पहुंच गई है। यहां भी शिक्षक गांव की महिलाओं की मदद से इस पहल को बराबर तवज्जो देकर दीवारों को ब्लैकबोर्ड बना दिए हैं।

▶️जिलेभर से मिली सराहना

शिक्षक देवेंद्र यादव की इस पहल को शिक्षा विभाग के अफसरों ने खूब सराहा। संकुल समंवयकों के साथ बीआरसी के शिक्षकों ने सहायक शिक्षक देवेंद्र की सराहना की। कुकुरमुड़ा गांव के प्रायमरी स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक देवेंद्र ने कहा कि बच्चें स्कूल के साथ गांव की गलियों में खेलते-खेलते पढ़ रहे हैं। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मैंने बच्चों के लिए ही गांव में पहल की थी, जो कई गांवों तक पहुंच गई है। यह सुनकर मैं बहुत खुश हूं

▶️अच्छी पहल है…
शिक्षक की इस पहल से गांव की गलियों में बच्चें खेलते-खेलते पढ़ रहे हैं। गिनती, पहाड़ा से लेकर कई तालिकाएं बच्चों का ज्ञान बढ़ा रहा है। अच्छी पहल है। इसलिए जिले के कई ब्लाकों में भी शिक्षक व पालकों ने दीवारों पर तालिकाएं बनाई है। इस तरह के नवाचार करने वाले शिक्षकों का जरूर सम्मान करेंगे।
एचआर सोम, डीइओ

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