छत्तीसगढ़टेक & ऑटोदेश-विदेश

सोसायटियों मे खाद-बीज की किल्लत,इधर कृषि केंद्रों में उंचे दाम पर बेच रहे है खाद बीज !

▶️ कृषि केंद्रों में लगातार बरती जा रही हैं अनियमितता

▶️ ग्रामीण क्षेत्र में कृषि विभाग के अधिकारी झांकने तक नहीं पहुंचते

▶️ कंपनी के बिना पीसी के दुकानों में बेचे जा रहे दवाई एवं बीज

▶️ विभाग खानापूर्ति कर निकल पडते है

बाजार अतरिया ! DNnews- प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे चुका है. खेती किसानी का दौर तेजी से चल रहा है. वहीं क्षेत्र के सेवा सहकारी समितियों में खाद की भारी किल्लत देखी जा रही है. साथ ही किसानों को खाद बीज के लिए निजी दुकानों के तरफ रूख करना पड़ रहा है. जहां निजी दुकानों के द्वारा घोर अनियमितता देखने को मिल रहा है. कृषि केंद्रों में विभिन्न कंपनियों के कीटनाशक दवाईयां व खाद बीज बेची जा रही है. इधर निजी दुकानों मे कीटनाशक दवाई एवं बीज की कीमत आसमान छू रहा है. जिससे किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. और आर्थिक बोझ के तले दब रहे है. पहले से ही कोरोना संक्रमण के चलते किसानों की हालत एवं गरीब तबके के लोगों की स्थिति दयनीय है ऊपर से कृषि केंद्रों द्वारा किसानों को भार कीमत पर दवाई खाद बीज की उपलब्धता कराई जा रही है. कृषकों को कृषि केंद्र में उधारी में सामाग्री दिया जाता है. जिसके हिसाब से मनचाहे रेट दिया जाता है वहीं कृषि केंद्रों में ओरिजिनल जीएसटी बिल भी नहीं दिया जाता है. कृषकों को लोकल पर्ची में ही बिल थमा दिया जाता है उसके बाद भी कृषि विभाग के अधिकारियों की द्वारा कृषि केंद्रो के संचालकों के ऊपर कार्यवाही का नहीं किया जाना समझ से परे है।

इधर कम पढ़े लिखे कृषकों को एक्सपायरी दवाइयां भी थमा दी जाती है सूत्रों से मिली अनुसार के मुताबिक कृषि केंद्रों में सिर्फ जिन कंपनी का प्रिंसिपल सर्टिफिकेट लाइसेंस में लगा हुआ होता है वही दवाइयां ही दुकान पर रखी जाती है जिससे जो भी अधिकारी कर्मचारी आए उनको चकमा दे सके. बाकी जिन कंपनी का प्रिंसिपल सर्टिफिकेट लाइसेंस में नहीं जुड़ा हुआ है उन विभिन्न कंपनियों के दवाइयों को गोदामों पर रखा जाता है जिन तक कोई भी अधिकारी कर्मचारी ना पहुंच सके. जिन्हें सिर्फ कृषक ग्राहक के आने पर ही गोदाम से लाकर दिया जाता है ऐसे घोर लापरवाही करते हुए भोले भाले कृषकों को ठगा जा रहा है।

▶️बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के विभिन्न कंपनियों के बेचे जा रहे हैं बीज एवं कीटनाशक दवाई

बाजार अतरिया क्षेत्र में दर्जनभर से अधिक कृषि केंद्र संचालित हैं जहां नियम अनुसार कृषि केंद्र में बीज एवं कीटनाशक दवाइयां बेचने के लिए जिस कंपनी का दवाई बेचा जाना है उस कंपनी का प्रिंसिपल सर्टिफिकेट लाइसेंस में जुड़ा हुआ होना चाहिए लेकिन यहां उसका विपरीत नजर आ रहा है प्रत्येक कृषि केंद्र के विक्रेता लाइसेंस पर गिनती के ही कंपनी के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट जुड़े हुए हैं लेकिन कृषि केंद्र के संचालक द्वारा तमाम विभिन्न कंपनियों के बीच एवं कीटनाशक दवाइयां बेचा जा रहा है जो नियम के विरुद्ध है बावजूद इन कृषि केंद्रों के संचालकों के ऊपर कार्यवाही का नहीं किया जाना समझ से परे है ग्रामीण अंचल होने के वजह से जिले व विकास खंड से सतत कृषि केंद्रों में नियम बनाए रखने के लिए मॉनिटरिंग किया जाना है बावजूद विभाग के कर्मचारियों के सुस्त रवैया के चलते बिना किसी ख्वाब के बेधड़क कृषि केंद्र का संचालन किया जा रहा है।

▶️कृषि उपसंचालक द्वारा नहीं किया जाता है फोन कॉल रिसीव

मामले को लेकर हमारे प्रतिनिधि द्वारा जीएस ध्रुव उप संचालक कृषि विभाग राजनांदगांव को उनके मोबाइल नंबर 9424110084 फोन कॉल के माध्यम से उनका पक्ष जानना चाहा लेकिन उनके द्वारा बार-बार फोन करने के बावजूद फोन कॉल रिसीव नहीं किया. इससे पहले भी और अन्य विषय को लेकर जीएस ध्रुव उपसंचालक कृषि विभाग राजनांदगांव को हमारे प्रतिनिधि द्वारा कॉल किया गया है लेकिन उनके द्वारा कभी भी फोन कॉल रिसीव नहीं किया जाता है.क्षेत्र के इतना बड़े गंभीर मामले को लेकर जिले के जिम्मेदार अधिकारी का फोन रिसीव नही करना कहीं न कही संदेह के पैदा करया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Advertisement
Back to top button