खैरागढ़। राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. लवली शर्मा को सितार वादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए आकाशवाणी द्वारा ‘टॉप ग्रेड आर्टिस्ट’ का सम्मान प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि पर आगरा सहित खैरागढ़ विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई दी है। बताया गया कि वे आगरा की पहली कलाकार हैं, जिन्हें सितार वादन के क्षेत्र में यह सर्वोच्च ग्रेड प्राप्त हुआ है। इससे पहले वे प्रथम डी.लिट. सितार वादिका के रूप में भी पहचान बना चुकी हैं।
प्रो. शर्मा ने राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर में कुलपति रहते हुए संगीत शिक्षा, शोध और समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य किया। उन्होंने संगीत विषय पर 13 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया तथा जेलों में संगीत के माध्यम से सकारात्मक बदलाव और म्यूजिक थेरेपी के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कार्य किया।
खैरागढ़ विश्वविद्यालय में कुलपति का दायित्व संभालने के बाद उनके कार्यकाल में शिक्षा, प्रशासन, संस्कृति, अधोसंरचना और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई कार्य किए गए। विश्वविद्यालय को ‘ए ग्रेड’ की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, पीएच.डी. प्रवेश प्रक्रिया में सुधार, समयबद्ध परीक्षा परिणाम और विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण जैसी पहल की गईं।
विश्वविद्यालय में श्रुति मंडल, लोककला कार्यक्रम, कला शिविर, राष्ट्रीय संगोष्ठियां, नाट्य महोत्सव, पुस्तक मेला और विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन किया गया। वर्षों से बंद राधा-कृष्ण मंदिर और राजमहल के प्रथम तल को भी पुनः जनोपयोगी बनाया गया। वहीं खेल एवं युवा गतिविधियों में विश्वविद्यालय ने केंद्रीय जोन युवा उत्सव में ओवरऑल तृतीय स्थान हासिल किया।
अधोसंरचना के क्षेत्र में वातानुकूलित बस, एम्बुलेंस की स्वीकृति और विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया सहित कई कार्य हुए। विश्वविद्यालय का नाम बदलकर ‘राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय’ किए जाने की प्रक्रिया भी इसी कार्यकाल में पूरी हुई।
प्रो. लवली शर्मा को मिले ‘टॉप ग्रेड आर्टिस्ट’ सम्मान को संगीत क्षेत्र में उनके योगदान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी है।



