खैरागढ़,खैरागढ़ जिले में बिना डिग्री के इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों का मामला लगातार सामने आ रहा है। छुईखदान ब्लॉक के बाजगुड़ा और भुलाटोला गांव में कथित रूप से बिना मान्यता और डिग्री के उपचार कर रहे लक्ष्मण चौहान के खिलाफ 19 फरवरी को राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन नार्थ जोन महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष रानी राजलक्ष्मी तिवारी ने कलेक्टर को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित व्यक्ति भोले-भाले ग्रामीणों का इलाज कर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है तथा घर-घर जाकर उपचार कर रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खैरागढ़ द्वारा जांच समिति का गठन किया गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच भी की, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी शिकायतकर्ता को जांच रिपोर्ट या कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति अब भी गांवों में इलाज कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा उपचार करने के लिए मान्यता प्राप्त संस्था से डिग्री, संबंधित मेडिकल काउंसिल में पंजीयन और वैध अनुमति आवश्यक होती है। बिना डिग्री या पंजीयन के इलाज करना कानूनन अपराध माना जाता है। डॉक्टरों को मरीज का सही परीक्षण, सुरक्षित दवा, स्वच्छता और आपात स्थिति में उचित रेफरल की गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जान जोखिम में डालते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई, नियमित जांच और जनजागरूकता बेहद जरूरी मानी जाती है।


