खैरागढ़। अर्णब तूफान के प्रभाव से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आ रही है। प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसान अब अपनी बर्बाद फसल को लेकर चिंतित हैं। वहीं, फसल क्षति का सर्वे और मुआवजा प्रक्रिया शुरू करने में कथित देरी को लेकर शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
इस मुद्दे को लेकर केसीजी जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष देवराज किशोर दास वैष्णव ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर निशाना साधते हुए प्रभावित किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन नुकसान का आकलन कर उन्हें राहत पहुंचाने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
सरकार की कथनी और करनी में अंतर: देवराज किशोर
देवराज किशोर दास वैष्णव ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर साफ दिखाई दे रहा है। एक तरफ किसान प्राकृतिक आपदा के कारण फसल नुकसान का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए शासन-प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों ने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर अपनी फसल तैयार की थी, लेकिन अर्णब तूफान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ऐसी स्थिति में सरकार को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर फसल क्षति का आकलन करवाना चाहिए, ताकि नुकसान झेल रहे किसानों को समय पर उचित मुआवजा और राहत मिल सके।
पटवारियों की हड़ताल से बढ़ी किसानों की परेशानी
देवराज किशोर ने पटवारी संघ की लंबे समय से जारी हड़ताल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पटवारियों की हड़ताल के चलते राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जमीन संबंधी दस्तावेज, नामांतरण, सीमांकन, गिरदावरी सहित अनेक जरूरी काम अटके हुए हैं।
ऐसे समय में जब किसान प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं, राजस्व अमले की हड़ताल उनकी परेशानी को और बढ़ा रही है। फसल नुकसान के सर्वे और गिरदावरी जैसे कार्य प्रभावित होने से किसानों को राहत मिलने में देरी की आशंका बनी हुई है।
किसानों को राहत देने में देरी, प्रशासन की तैयारी पर सवाल
जिले में फसल नुकसान की स्थिति को देखते हुए अब सवाल उठ रहे हैं कि प्रभावित किसानों की वास्तविक क्षति का आकलन कब होगा और उन्हें मुआवजा कब तक मिलेगा? प्राकृतिक आपदा के बाद किसानों को तत्काल राहत की जरूरत है, लेकिन सर्वे और मुआवजा प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट पहल सामने नहीं आने से किसानों की चिंता बढ़ रही है।
देवराज किशोर दास वैष्णव ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित गांवों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए, किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और पटवारियों की हड़ताल का समाधान निकालकर राजस्व कार्यों को जल्द बहाल किया जाए।
अब बड़ा सवाल यही है कि प्राकृतिक आपदा से तबाह किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार और जिला प्रशासन कब तक ठोस कदम उठाएंगे? मेहनत और लागत गंवा चुके किसानों को समय पर मुआवजा मिलना ही उनके नुकसान की भरपाई की दिशा में जरूरी कदम होगा।



