राजनांदगांव। बसंतपुर थाना क्षेत्र के आशीर्वाद कॉलोनी कौरिनभाठा में दिनदहाड़े हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना बसंतपुर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 100 ग्राम सोने का डल्ला, लगभग 500 ग्राम चांदी के आभूषण और 1.50 लाख रुपये नगद सहित करीब 10.50 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार 11 सितंबर 2026 को आशीर्वाद कॉलोनी कौरिनभाठा निवासी कुल प्रकाश वालदे ड्यूटी पर गए थे। दोपहर करीब 12:30 बजे से 2:45 बजे के बीच अज्ञात चोर ने उनके घर के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कमरे में रखी अलमारी के लॉकर को तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण तथा नगदी चोरी कर ली थी। चोरी गए सामान की कीमत करीब 2.65 लाख रुपये और नगदी 1.50 लाख रुपये थी। मामले में थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 420/2026 के तहत धारा 331(3), 305 बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
50 से अधिक CCTV कैमरों की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन एवं साइबर/क्राइम डीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के पर्यवेक्षण में जांच शुरू की गई।
थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक कौशलेश देवांगन एवं साइबर सेल/थाना प्रभारी विनय पम्मार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस टीम ने शहर में लगे 50 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान जेल प्रशासन से समन्वय स्थापित कर संदिग्ध की पहचान आदतन चोर विक्की वर्मा के रूप में हुई।
जेल में हुई पहचान के बाद बनाई चोरी की योजना
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी विक्की वर्मा वर्ष 2025-26 में चोरी के मामले में सेंट्रल जेल जगदलपुर में निरुद्ध था। इसी दौरान उसकी पहचान चोरी के मामले में निरुद्ध रहिमन से हुई थी। जेल से रिहा होने के बाद दोनों ने मिलकर राजनांदगांव में चोरी की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार रहिमन आशीर्वाद कॉलोनी में ही प्रार्थी के मकान के प्रथम तल पर किराए से रहता था। उसे प्रार्थी के घर में सोने-चांदी के आभूषण होने तथा दोपहर के समय मकान के सूने रहने की जानकारी थी। उसने यह जानकारी विक्की वर्मा को दी और चोरी के लिए उसे राजनांदगांव बुलाया।
पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान दोनों आरोपी मोबाइल फोन के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में थे। किसी को शक न हो, इसके लिए रहिमन घटना से करीब एक सप्ताह पहले शहर से बाहर चला गया था।
सोने के आभूषण गलाकर बनाया डल्ला
पूछताछ में विक्की वर्मा ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए कुछ सोने के आभूषण कुरुक्षेत्र, हरियाणा के ज्वैलर्स को बेच दिए गए थे। वहीं बचे हुए सोने के आभूषणों को गलाकर करीब 100 ग्राम का डल्ला बना लिया गया था। चोरी किए गए चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपये नगद रहिमन को दिए गए थे। सोने की बिक्री से प्राप्त राशि खर्च हो जाने की बात भी आरोपी ने पुलिस को बताई।
पुलिस ने विक्की वर्मा के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पेचकस, करीब 100 ग्राम सोने का डल्ला और एक लाख रुपये नगद बरामद किए। वहीं रहिमन के कब्जे से चोरी किए गए चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपये नगद बरामद किए गए हैं।
दोनों आरोपियों को 20 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
कई जिलों में दर्ज हैं चोरी के मामले
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी विक्की वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ के बस्तर, महासमुंद, दुर्ग, कबीरधाम, धमतरी और राजनांदगांव सहित विभिन्न जिलों में चोरी के प्रकरण दर्ज हैं। वहीं रहिमन के खिलाफ भी जिला बस्तर में चोरी का एक मामला दर्ज होना पाया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। साथ ही चोरी के सामान की बिक्री में किसी ज्वैलर की संलिप्तता सामने आने पर उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में थाना बसंतपुर पुलिस एवं साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


