खैरागढ़। खैरागढ़ विकासखंड के डुंडा, अछोली और दुल्लापुर गांव के तीन किसानों की धान फसल बर्बाद होने के मामले में की गई संयुक्त जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अतरिया स्थित पन्ना कृषि केन्द्र द्वारा किसानों को आवश्यकता से अधिक मात्रा में और नियमों के विरुद्ध कीटनाशक व फफूंदनाशक दवाएं दी गईं, जिसके कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
सात सदस्यीय जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार अत्यधिक और अवैज्ञानिक छिड़काव से धान की फसल में फाइटो-टॉक्सिसिटी उत्पन्न हुई। इसका सीधा असर यह हुआ कि बालियां ठीक से विकसित नहीं हो सकीं और अंदर से खोखली रह गईं, जिससे उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया।


