खैरागढ़/छुईखदान। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भूजारी के खम्हारडीह जंगल में कथित अवैध पेड़ कटाई के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। मामले के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार खम्हारडीह जंगल में जेसीबी मशीन और लख्खा आरा की सहायता से बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया था। जंगल के भीतर व्यापक स्तर पर कटाई की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में संबंधित भूमि कुछ व्यक्तियों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज होना बताया जा रहा है, लेकिन वन विभाग की जांच में उक्त क्षेत्र का बड़ा हिस्सा वन भूमि के अंतर्गत पाया गया है। जांच के दौरान दो अलग-अलग कम्पार्टमेंट क्षेत्रों में भी कटाई होने की जानकारी सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वनमंडल अधिकारी पंकज राजपूत ने तत्काल प्रभाव से क्षेत्र के डिप्टी रेंजर डे मन सिंह पदमाकर तथा बीट गार्ड ताराचंद यादव को निलंबित कर दिया है। साथ ही अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
संदेह के घेरे में राजस्व रिकॉर्ड
अवैध कटाई के इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि संबंधित भूमि वन क्षेत्र के अंतर्गत आती है, तो उसे निजी भूमि के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने का आधार क्या था, यह जांच का प्रमुख विषय बन गया है।
सूत्रों के अनुसार संबंधित भूमि के आधार पर ऋण लिए जाने की जानकारी भी सामने आ रही है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो मामला केवल अवैध कटाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजस्व अभिलेखों, भूमि संबंधी प्रक्रियाओं और बैंकिंग व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो सकते हैं।
ग्रामीणों में नाराजगी
घटना को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जंगल क्षेत्र में हजारों पेड़ों की कटाई केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि प्राकृतिक संपदा को सुनियोजित तरीके से नुकसान पहुंचाने का मामला प्रतीत होता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि अवैध कटाई हुई है तो भूमि मालिकों और कटाई में शामिल अन्य जिम्मेदार लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि पास के अन्य सर्किलों में भी अवैध कटाई की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
पेड़ काटने वालों पर भी होगी कार्रवाई
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है। अवैध कटाई में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित भूमि स्वामियों, कटाई कराने वालों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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