खैरागढ़। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं गांवों में शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद पंचायत खैरागढ़ के सभाकक्ष में सरपंचों एवं सचिवों की दो पालियों में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन जिला कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में विधानसभा डोंगरगढ़ एवं खैरागढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रमुख प्रावधानों, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन तथा ग्राम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
जिला समन्वयक सलीम ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में कचरा जलाने की अनुमति नहीं होगी। कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण, विक्रय एवं सुरक्षित निस्तारण को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित मासिक, त्रैमासिक एवं वार्षिक रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना सभी ग्राम पंचायतों के लिए अनिवार्य रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर से गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहित किया जाए तथा गांवों में नियमित घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था प्रारंभ की जाए। सार्वजनिक स्थलों जैसे सड़क, नाली, तालाब, गार्डन एवं अन्य स्थानों पर कचरा पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
जनपद पंचायत खैरागढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्वच्छता शुल्क (यूजर चार्ज) संग्रहण प्रारंभ किया जाए। इसके लिए ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर आम नागरिकों को जागरूक करने एवं शुल्क संग्रहण की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
विकासखंड समन्वयक बैद्यनाथ वर्मा ने घरों से निकलने वाले चार प्रकार के कचरे के पृथक्करण की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्राथमिकता से शुरू किया जाए। उन्होंने स्वच्छता एवं जनजागरूकता गतिविधियों, MRF/PWMU संचालन तथा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर भी विस्तार से जानकारी दी।
कार्यशाला में अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर ग्राम निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। सभी पंचायतें शासन के निर्देशानुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें। सरपंच अपने ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें।
इसके साथ ही ग्राम स्तर पर पंचों के वार्डों में स्वच्छता प्रतियोगिता आयोजित करने तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम वार्ड को 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित करने का निर्णय भी लिया गया।
कार्यशाला में जनपद सीईओ हिमांशु गुप्ता, जिला समन्वयक सलीम, विकासखंड समन्वयक बैद्यनाथ वर्मा, संकुल समन्वयक दुलेश्वर वर्मा सहित जनपद पंचायत के सरपंच एवं सचिव उपस्थित रहे।


