भागलपुर / बिहार DNnews - प्यार कहीं भी, कभी भी और किसी से भी हो सकता है। इस कहानी में एक लेडी टीचर और प्रिंसिपल की मुलाकात हुई, जिन्होंने अपने प्यार के लिए पुलिस का साहारा भी लिया। इसकी खास बात यह है कि उनका विवाह मंदिर में हुआ और विदाई थाने से हुई।
कहानी का संदेश
इशाकचक थाने के मामले में, प्रिंसिपल सरोज वर्मा और टीचर शुभांगी प्रियदर्शनी को चार सालों तक उनके परिजनों की मुखौटा विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, जब दोनों को आपसी सहमति मिली, तो उन्होंने मंदिर में अपनी शादी का आयोजन किया।


