"जोहरी विंडो" (Johari Window) एक मनोवैज्ञानिक उपकरण है जिसे 1955 में जोसेफ लुफ्ट (Joseph Luft) और हैरी इनघम (Harry Ingham) ने विकसित किया था। इसका उद्देश्य आत्म-चेतना (self-awareness), दूसरों के साथ बेहतर संबंध और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देना है। इस मॉडल को आमतौर पर चार खिड़कियों (दरवाजों) या क्षेत्रों में बाँटा गया है:
1. खुला क्षेत्र (Open Self / Arena)
क्या है: वह जानकारी जो आपको भी पता है और दूसरों को भी।
उदाहरण: आपका नाम, आपकी भाषा, आपके कुछ व्यवहार या आदतें जो सबको दिखाई देती हैं।
महत्व: यह क्षेत्र जितना बड़ा होता है, संचार और आपसी समझ उतनी ही अच्छी होती है।


