खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में कानून व्यवस्था में सहयोग करने और आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से एक अनूठी पहल सामने आई है। बाजार अतरिया निवासी समाजसेवी दिनेश साहू ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर जिले में “निजी थाना (Private Police Assistance Center)” खोलने की अनुमति मांगी है।
### 🔷 ग्रामीण समस्याओं को बताया प्रमुख कारण
अपने आवेदन में दिनेश साहू ने उल्लेख किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन उन्हें समय पर उचित कार्रवाई नहीं मिल पाती। इस व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से उन्होंने यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया है।
### 🔷 पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत का प्रस्ताव
प्रस्ताव के अनुसार, इस पहल को पहले खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की योजना है। यदि यह सफल रहता है, तो भविष्य में इसे पूरे छत्तीसगढ़ में विस्तारित करने का भी विचार है।
### 🔷 अनुभवी टीम के साथ कार्य करने का दावा
दिनेश साहू ने बताया कि उन्हें सामाजिक क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उनके साथ शिक्षित एवं जागरूक लोगों की एक टीम है, जो विभिन्न घटनाओं का अध्ययन कर तथ्यात्मक जानकारी एकत्रित करने में सक्षम है।
### 🔷 निजी संस्थानों की तर्ज पर उठाई मांग
उन्होंने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि जिस प्रकार सरकार निजी विद्यालयों और अस्पतालों को संचालित करने की अनुमति देती है, उसी प्रकार जनहित में “निजी थाना” जैसी व्यवस्था को भी अनुमति दी जानी चाहिए।
### 🔷 प्रशासन के माध्यम से भेजा गया आवेदन
यह आवेदन कलेक्टर, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन इस प्रस्ताव पर क्या निर्णय लेता है।
### 👉 निष्कर्ष
यह पहल एक ओर जहां प्रशासनिक व्यवस्था को नया दृष्टिकोण देने का प्रयास है, वहीं दूसरी ओर “निजी थाना” जैसे विचार को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर बहस तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है।


