छुईखदान। जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार 2047 तक विकसित भारत के लिए जनजातियों के सशक्तीकरण की पहल के तहत जिले में स्वास्थ्य-पोषण सेवा संगम कार्यक्रम शुरू किया गया है। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रावल के नेतृत्व और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला के मार्गदर्शन में विकासखंड छुईखदान के दूरस्थ वनांचल ग्राम तुमड़ादाह के बहुउद्देशीय केंद्र में पहला स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के लोगों की स्वास्थ्य जांच के साथ स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम भी हुआ। ग्राम तुमड़ादाह के 55 बैगा जनजाति समुदाय के सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
जांच का ब्योरा
2 गर्भवती माताओं की जांच
1 बच्चे का टीकाकरण
35 लोगों की टीबी और कुष्ठ जांच
20 ग्रामीणों की बीपी और शुगर जांच
17 लोगों की मलेरिया जांच
5 लोगों की सिकल सेल जांच
स्वास्थ्य अमले ने बच्चों के उचित पोषण, कुपोषण की पहचान और रोकथाम, तथा गर्भवती और शिशुवती माताओं की देखभाल के बारे में जानकारी दी। मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए गए, साथ ही स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी दी गई।
शिविर में पैलीमेटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. महेश साहू, आरएमए उपेंद्र नाथ ठाकुर और मृदुला यादव, सुपरवाइजर धारने, एलएचवी ऊके, आरएचओ गणेश सोरी, वासुदेव, सुरेश, एएनएम देवकुमारी और सीएचओ तेजेश्वनी ने सेवाएं दीं।



