Dindayal yadu Chhuikhadan
सीधे पहुंचने वाले नागरिकों को हो रही परेशानी, उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज
छुईखदान। नगर के रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर आम नागरिकों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि कार्यालय में कामकाज पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहा और दलालों की सक्रियता के कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति बिना किसी बिचौलिए के जमीन पंजीयन या अन्य दस्तावेजी कार्य कराने सीधे कार्यालय पहुंचते हैं, उनके काम में अक्सर तकनीकी आपत्तियां लगाकर देरी की जाती है। फाइल लंबित होने या प्रक्रिया अधूरी होने का हवाला देकर लोगों को बार-बार चक्कर लगाने के लिए मजबूर किया जाता है। वहीं दलालों के माध्यम से आने वाले मामलों का निपटारा अपेक्षाकृत तेजी से होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
जमीन से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी का आरोप
ग्रामीणों और शहरी नागरिकों ने बताया कि जमीन पंजीयन, नामांतरण, बंटवारा, दस्तावेज सत्यापन, नक्शा मिलान और रिकॉर्ड सुधार जैसे कार्यों में अनावश्यक देरी की जाती है। कई मामलों में फाइलों पर छोटी-छोटी आपत्तियां लगाकर लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवाए जाते हैं, जिससे आम नागरिकों को समय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
स्टांप मूल्यांकन और गाइडलाइन दर को लेकर भी भ्रम
कुछ नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि स्टांप मूल्यांकन और गाइडलाइन दरों के निर्धारण में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इस कारण कई बार लोगों को अतिरिक्त खर्च या दस्तावेजों में सुधार कराने की स्थिति का सामना करना पड़ता है।
राजस्व विभाग से समन्वय के नाम पर प्रक्रिया जटिल
रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा राजस्व विभाग के अन्य अधिकारियों जैसे आर.आई. और पटवारी से समन्वय का हवाला देकर कई प्रक्रियाओं को जटिल बना दिया जाता है। जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, खसरा-खतौनी, सीमांकन या भू-अभिलेख सत्यापन में देरी होने से पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित होती है और आम नागरिकों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
निष्पक्ष जांच और पारदर्शी व्यवस्था की मांग
स्थानीय सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही कार्यालय परिसर में दलालों की आवाजाही पर निगरानी रखने, शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने और सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तथा ऑनलाइन पारदर्शी प्रणाली से जोड़ने की भी मांग की गई है।
जनता बोली – जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी
नागरिकों का कहना है कि रजिस्ट्रार कार्यालय सीधे तौर पर आम लोगों की संपत्ति और अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में वहां जवाबदेही, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लोगों का मानना है कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, और यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


