खैरागढ़। पिपलाकछार प्राथमिक शाला परिसर में एक भावुक और प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। दाऊचौरा निवासी स्वर्गीय लोकेश देवांगन की स्मृति में उनकी महज 6 वर्षीय पुत्री साची देवांगन ने पौधरोपण कर अपने पिता की याद को प्रकृति से जोड़ दिया। नन्हीं साची की इस पहल ने जहां उपस्थित लोगों को भावुक किया, वहीं स्कूली बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
पिता की याद में लगाया पौधा
पौधरोपण के दौरान साची ने विद्यालय परिसर में पौधा रोपा और स्वयं उसमें मिट्टी डालकर उसकी देखभाल की शुरुआत की। पिता की स्मृति में पौधा लगाने की इस पहल को लोगों ने भावनात्मक होने के साथ-साथ समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
मौजूद लोगों ने कहा कि किसी अपने की स्मृति को संजोने के कई तरीके हो सकते हैं, लेकिन पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी संदेश छोड़ता है। जैसे-जैसे यह पौधा बड़ा होगा, वैसे-वैसे साची के पिता की स्मृति भी विद्यालय परिसर में जीवित रहेगी।
पौधरोपण के साथ बच्चों में बांटी खुशियां
साची ने केवल पौधरोपण ही नहीं किया, बल्कि विद्यालय के बच्चों को चॉकलेट भी बांटी। इससे बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। एक ओर पौधरोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, तो दूसरी ओर बच्चों के बीच खुशियां बांटकर कार्यक्रम को यादगार बनाया गया।
ग्रामीणों और बच्चों ने लिया पौधे की देखभाल का संकल्प
विद्यालय परिसर में आयोजित इस पहल ने बच्चों और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधे की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुन्ना लाल देवांगन, प्रधानपाठक हेमलाल साहू, शिक्षक डेविड कुमार मार्शल, श्रवण कुमार पटेल, प्रदीप कुमार, ग्रामीण बसंत देवांगन, बैनलाल कंवर और लक्ष्मण मरकाम सहित विद्यालय के बच्चे मौजूद रहे।
नन्हीं साची की इस पहल ने पिता की याद को एक पौधे के रूप में संजोने के साथ ही स्कूली बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।



