छुईखदान। ग्राम पंचायत देवरचा में जिला स्तरीय करमदार महापूजा एवं कर्मा लोकनृत्य कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु एवं ग्रामीणजन शामिल हुए। पारंपरिक रीति-रिवाज, पूजा-अर्चना और कर्मा लोकनृत्य के माध्यम से गोंडी धर्म, संस्कृति एवं परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोंडवाना संघ के प्रदेश अध्यक्ष तिरुमल सोनऊ राम ध्रुव एवं प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम मरकाम रहे। प्रमुख अतिथि के रूप में छुईखदान के छोटे राजा देवराज किशोर दास, समाजसेवी सज्जाक खान, सुदीप श्रीवास्तव, दीपक वैष्णव, अभिषेक सोनी, विजय वर्मा, जनपद सदस्य दुलिया रामेश्वर नेताम, देशनी भुवन नेताम एवं अर्जुन सिंह मंडावी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
बड़ा बुद्धदेव की महापूजा के बाद हुआ कर्मा नृत्य
कार्यक्रम की शुरुआत बड़ा बुद्धदेव की महापूजा के साथ हुई। पूजा-अर्चना के पश्चात पारंपरिक कर्मा लोकनृत्य का आयोजन किया गया। अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान पारंपरिक लोकगीतों के साथ किया गया। कार्यक्रम में पूरे जिले से सामाजिक बंधुओं ने सहभागिता दर्ज कराई।
आयोजन में ‘पुरखा के थाती’ और ‘हमर संस्कृति’ की भावना को केंद्र में रखते हुए करमदार लोक एवं कर्मा नृत्य के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया गया।
समाज को सुरक्षित रखने के लिए एकजुट होना जरूरी : देवराज किशोर दास
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छोटे राजा देवराज किशोर दास ने कहा कि समाज को सुरक्षित और मजबूत रखने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बहन-बेटियों की पारंपरिक वेशभूषा और सहभागिता हमारी संस्कृति की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करती है। ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखने के लिए आवश्यक हैं। रीति-रिवाज गोंडी समाज की रीढ़ हैं।
सामाजिक रीति-रिवाजों को आगे बढ़ाने का आह्वान
गोंडवाना संघ के प्रदेश अध्यक्ष तिरुमल सोनऊ राम ध्रुव ने करमदार महापूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक समय समाज अपने सामाजिक कार्यक्रमों और रीति-रिवाजों से दूर होता जा रहा था, लेकिन अब समाज में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने करमदार महापूजा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की एकता और परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम है।
उन्होंने अपने संबोधन में यूसीसी अधिनियम को लेकर विरोध की बात भी कही।
संस्कृति को बचाने ऐसे आयोजन जरूरी : सज्जाक खान
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सज्जाक खान ने कहा कि संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए ऐसे आयोजन लगातार होते रहने चाहिए। करमदार महापूजा जैसे आयोजन सामाजिक एकता के साथ-साथ गांव और क्षेत्र के विकास में भी योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपनी संस्कृति के साथ-साथ प्रकृति और जंगलों की सुरक्षा के प्रति भी सदैव सजग रहा है।
युवाओं और महिलाओं की सहभागिता से मजबूत होगा समाज
सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि सामाजिक कार्यक्रमों में माता-बहनों और युवाओं की सक्रिय सहभागिता समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। समाज की एकता उसे नई दिशा और नया स्वरूप प्रदान कर सकती है।
वहीं राजाराम मरकाम ने कहा कि सामाजिक एकता के माध्यम से ही समाज अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने समाज को एक सूत्र में पिरोने और आने वाली पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को भुवन नेताम, शिव सिंह छेदैया एवं रामेश्वर नेताम सहित अन्य सामाजिक पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर शिव सिंह छेदैया, अनुज सिंह मरकाम, अरुण सिंह छेदैया, बहुर सिंह, बाल्मीकि, शेर सिंह, जयराम मंडावी, भुवन नेताम, कांता छेदैया, महेंद्र मरकाम सहित जिला गोंडी धर्म एवं संस्कृति समिति के पदाधिकारी, जिलेभर से आए सामाजिक बंधु एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।।


