छुईखदान। पर्यावरण संरक्षण को महज एक दिन के पौधरोपण कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय पौधों को सींचकर और संरक्षित कर वृक्ष बनाने की अनूठी पहल वृक्ष मित्र संगठन, छुईखदान ने शुरू की है। रविवार, 30 अगस्त को केकती बाड़ी मैदान में आयोजित विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम में करीब 50 पौधे रोपे गए। नगर के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने सहभागिता करते हुए ‘हरित छुईखदान’ का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा—“सिर्फ पौधा लगाना हमारा मकसद नहीं, उसे पोषित कर वृक्ष बनाना ही हमारा संकल्प है।” संगठन के सदस्यों ने पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।
पिछले साल लगाए 70 पौधों में 50 जीवित
वृक्ष मित्र संगठन की खास पहल यह है कि वह पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल पर भी ध्यान देता है। पिछले वर्ष लगाए गए करीब 70 पौधों में लगभग 50 आज भी जीवित हैं और वृक्ष का स्वरूप ले रहे हैं। इस वर्ष करीब 50 नए पौधे लगाए गए, जिनकी ऊंचाई लगभग 5 से 15 फीट तक है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सदस्य प्रदीप श्रीवास्तव के पर्यावरण संरक्षण के निरंतर प्रयासों की सराहना की गई। वे अपनी बेटी के प्रत्येक जन्मदिन पर पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनाने का संकल्प लेते हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को पारिवारिक संस्कार से जोड़ने की प्रेरणा मिलती है।
पौधा लगाया तो जिम्मेदारी भी उठाएं
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता दिलीप वैष्णव ने किया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण को आयोजन तक सीमित न रखते हुए प्रत्येक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करना जरूरी है। उन्होंने नगरवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम में वृक्ष मित्र संगठन के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। संगठन ने कहा कि हरियाली केवल पौधे लगाने से नहीं, बल्कि उन्हें बचाने और वृक्ष बनाने से आएगी। संगठन का लक्ष्य सामूहिक सहभागिता से छुईखदान को ‘हरित और स्वस्थ छुईखदान’ बनाना है।



