खैरागढ़,भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के विकास एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को क्रेडिट लिंक्ड 35 प्रतिशत अनुदान, बैंक ऋण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा विपणन संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य स्थानीय खाद्य उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर सूक्ष्म उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
जिले में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। विभाग हितग्राहियों को परियोजना तैयार करने, बैंक ऋण प्रक्रिया, तकनीकी परामर्श एवं आवश्यक दस्तावेजी सहायता उपलब्ध करा रहा है, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी स्वरोजगार स्थापित कर अपने व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं।
योजना का लाभ लेकर ग्राम साल्हेवारा के लघु कृषक श्री महेशराम डहरिया ने अपनी मिनी राइस मिल का आधुनिकीकरण किया है। आधुनिक मशीनरी एवं तकनीक अपनाने से उनकी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। योजना से प्राप्त सहयोग के परिणामस्वरूप उनकी मासिक आय में लगभग 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनका व्यवसाय और अधिक सशक्त हुआ है।
इसी प्रकार ग्राम अकरजन निवासी श्री अमित कुमार डहेरिया (32 वर्ष) ने जनवरी 2026 में पीएमएफएमई योजना के सहयोग से सोन पापड़ी फूड प्रोसेसिंग इकाई की स्थापना की। उनका उत्पाद "मोहित स्वीट्स" ब्रांड नाम से बाजार में उपलब्ध है। योजना के अंतर्गत प्राप्त वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने अपने उद्यम को सफलतापूर्वक विकसित किया, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता के साथ-साथ बाजार में उसकी पहुंच भी बढ़ी है। वर्तमान में उनके उद्यम के माध्यम से 5 स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है तथा उनकी मासिक आय लगभग 18 हजार रुपये है।
दोनों उद्यमियों ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना से प्राप्त सहयोग के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जिले के अन्य युवाओं एवं इच्छुक उद्यमियों से भी इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने की अपील की है।
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा अधिक से अधिक उद्यमियों को पीएमएफएमई योजना से जोड़ने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान, परामर्श एवं समन्वयात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य स्थानीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देकर जिले में स्वरोजगार, रोजगार सृजन तथा समावेशी आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करना है।



