खैरागढ़। थाना गंडई पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचना के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने वाले फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना गंडई में अपराध क्रमांक 66/2025 के तहत धारा 420, 466, 467, 468, 471, 34 भारतीय दंड संहिता तथा धारा 66 एवं 67(ए) आईटी एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला प्रार्थी अंकल्हु राम जंघेल (29 वर्ष), निवासी ग्राम उदान, थाना छुईखदान, जिला केसीजी की शिकायत पर पंजीबद्ध किया गया था।
जांच के दौरान पता चला कि थाना गंडई के एक पुराने सड़क दुर्घटना प्रकरण (अपराध क्रमांक 41/2023) में आरोपी लक्ष्मीनाथ जंघेल ने अपने पुत्र प्रमोद जंघेल को नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से एक ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। उक्त दस्तावेज में जन्मतिथि 27 दिसंबर 2005 अंकित थी। दस्तावेज की जांच करने पर वह फर्जी और कूटरचित पाया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी लक्ष्मीनाथ जंघेल से पूछताछ की और उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू की। साइबर तकनीकी सहायता से मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई, जिससे आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी रवि निषाद के रूप में हुई।
पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश पहुंचकर 29 मई 2026 को आरोपी रवि निषाद (36 वर्ष), निवासी वल्लीपुर, थाना कोतवाली नगर, जिला सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को गंडई लाया गया। इसके बाद 1 जून 2026 को उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा उनका उपयोग करने से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।


