दुर्ग। भिलाई इस्पात संयंत्र के ऊर्जा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत एसएमएस-3 एलडी गैस होल्डर में 20 अगस्त 2026 को संयुक्त आपातकालीन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), अग्निशमन सेवाओं सहित संयंत्र के विभिन्न विभागों ने हिस्सा लिया। अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया, बचाव कार्य और आपसी समन्वय का आकलन करना था।
मॉक ड्रिल के लिए अत्यधिक बारिश और बाढ़ के कारण गैस होल्डर की विद्युत नियंत्रण प्रणाली में खराबी तथा सुरक्षा इंटरलॉक निष्क्रिय होने से गैस रिसाव का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। इसमें 12 श्रमिकों के गैस की चपेट में आने और अलग-अलग स्थानों पर अचेत होने की स्थिति बनाई गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सहायक महाप्रबंधक (ईएमडी) रवि कुमार सोनी ने तत्काल आपातकाल घोषित कर प्रभावित क्षेत्र खाली कराया और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। महाप्रबंधक (ईएमडी) अजय गजघाटे ने मुख्य महाप्रबंधक पी.वी.वी.एस. मूर्ति एवं इंसिडेंट कंट्रोलर को सूचना दी। इसके बाद मूर्ति घटनास्थल पहुंचे और बचाव अभियान का समन्वय संभाला। एडीएम दुर्ग वीरेंद्र सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया।
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और संयंत्र के अग्निशमन दल ने एससीबीए उपकरणों के साथ प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश कर सभी अचेत श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार केंद्र पहुंचाया। गैस सुरक्षा दल ने रिसाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की।
बचाव अभियान के बाद पोर्टेबल गैस डिटेक्टर और गैस एनालाइजर से क्षेत्र की जांच की गई। ऑक्सीजन और कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर निर्धारित सीमा में मिलने के बाद क्षेत्र को सुरक्षित घोषित कर सामान्य परिचालन बहाल किया गया।
मॉक ड्रिल के बाद मानव संसाधन विकास विभाग में समीक्षा बैठक हुई। अधिकारियों और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यास के अनुभव साझा किए तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर चर्चा की।
एडीएम दुर्ग वीरेंद्र सिंह ने सभी सहभागी एजेंसियों के सामूहिक प्रयास, तत्परता और समन्वय की सराहना की। उन्होंने आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयारियों को लगातार मजबूत करने पर जोर दिया। सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के महाप्रबंधक प्रभारी एस.के. अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया।


