छुईखदान। ग्राम पंचायत दनिया में नल-जल योजना को लेकर ग्रामीण की शिकायत अब जिला प्रशासन तक पहुंच गई है। ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि घर में नल-जल योजना से मिलने वाले पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण गंदा पानी पहुंच रहा था। समस्या के समाधान के लिए पंचायत के जिम्मेदारों को जानकारी देने के बावजूद निराकरण नहीं होने पर ग्रामीण ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कथित रूप से उसके साथ प्रताड़ना और दबाव का सिलसिला शुरू हो गया।
ग्रामीण द्वारा जिला प्रशासन को सौंपे गए लिखित आवेदन में मामले को संविधान प्रदत्त मूलभूत अधिकार एवं पेयजल के लिए नल कनेक्शन काटे जाने की शिकायत बताते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
17 सितंबर की सुबह कनेक्शन काटने का आरोप
कलेक्टर को दिए आवेदन के अनुसार, ग्रामीण के परिवार के नाम से ग्राम पंचायत की प्रक्रिया के तहत नल-जल कनेक्शन लगाया गया था और इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि 17 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8 बजे उसके घर के नल-जल कनेक्शन को कथित रूप से धारदार औजार से काट दिया गया।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कनेक्शन काटने के बाद परिवार के सदस्यों को कथित रूप से डराया-धमकाया गया तथा सार्वजनिक नल से पानी लेने को लेकर भी दबाव बनाया गया।
“नल कनेक्शन काटने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया”
शिकायत-पत्र में ग्रामीण ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि नल कनेक्शन काटने से पहले उसे किसी भी प्रकार की सूचना या नोटिस नहीं दिया गया था। इसके बावजूद कनेक्शन काट दिया गया।
ग्रामीण ने इसे अपने परिवार के लिए गंभीर परेशानी बताते हुए प्रशासन से नल-जल कनेक्शन तत्काल बहाल कराने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
घर तोड़ने की कार्रवाई का भी आरोप
शिकायत में ग्रामीण ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में उसके कच्चे मकान को तोड़ने की धमकी देकर तहसील स्तर से नोटिस जारी कराकर उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि इस पूरे घटनाक्रम से वह और उसके परिवार के सदस्य भय एवं अनहोनी की आशंका में हैं।
ग्रामीण ने प्रशासन से मांग की है कि उसे और उसके परिवार को कथित रूप से प्रताड़ित करने, डराने-धमकाने तथा नल कनेक्शन काटने के मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
ग्रामीण के अनुसार, उसने शुरुआत में केवल नल-जल योजना की खराब पाइपलाइन को ठीक कराने और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की थी। पंचायत स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने के बाद उसने सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया। अब शिकायत के बाद नल कनेक्शन काटे जाने और कथित प्रताड़ना के आरोप सामने आने से पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सवाल यह है कि यदि ग्रामीण को नल-जल योजना में गंदे पानी की समस्या हो और वह इसकी शिकायत करता है, तो उसकी समस्या का समाधान करने के बजाय उसका कनेक्शन काटने की कार्रवाई क्यों की गई?
कलेक्टर, राजस्व विभाग और पुलिस से कार्रवाई की मांग
ग्रामीण ने अपने आवेदन की प्रतियां जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा थाना प्रभारी को भी सौंपते हुए मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उसने नल-जल कनेक्शन पुनः जोड़ने, परिवार को सुरक्षा देने तथा कथित रूप से प्रताड़ित करने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अब मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुका है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन ग्रामीण द्वारा पेयजल कनेक्शन काटे जाने और प्रताड़ना के आरोप लगाए जाने से ग्राम पंचायत दनिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अश्वनी निर्मलकर,शिकायतकर्ता
नल जल सप्लाई कनेक्शन में गंदा पानी जा रहा है और गंदगी सफाई करने मौखिक रूप से सरपंच एवं पंचायत के लोगों को बोला था नहीं करने पर मैंने सीएम हेल्पलाइन में फोन किया इसी कारण मेरे घर का नल जल कनेक्शन काट दिया


