खैरागढ़। दनिया-अतरिया-हनईबन-उदयपुर क्षेत्र में प्रस्तावित श्री सीमेंट फैक्ट्री एवं चूना-पत्थर खनन परियोजना का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को अन्य पिछड़ा वर्ग महासंघ, जिला KCG ने प्रेस वार्ता कर परियोजना को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद महासंघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर परियोजना से संबंधित आगामी प्रशासनिक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और प्रस्तावित जनसुनवाई को रद्द करने की मांग की।
महासंघ के पदाधिकारी टीलेश्वर साहू, अमर यादव, कपिनाथ महोबिया, सनत निषाद, नरोत्तम सिन्हा, डोमार वर्मा एवं हर्ष दशरिया ने कहा कि यह केवल फैक्ट्री लगाने का मामला नहीं है, बल्कि हजारों किसानों की जमीन, खेती, आजीविका, जलस्रोत, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है और यहां की उपजाऊ भूमि ग्रामीणों की आजीविका का प्रमुख आधार है।
महासंघ ने परियोजना से धूल एवं वायु प्रदूषण, भूजल स्तर में बदलाव, जलस्रोतों पर प्रभाव और कृषि भूमि की उर्वरता प्रभावित होने की आशंका जताई। पदाधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में धान, चना, गेहूं, टमाटर सहित विभिन्न कृषि एवं वनोपज का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि महासंघ उद्योग और विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन किसानों की उपजाऊ जमीन और पर्यावरण की कीमत पर विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महासंघ ने प्रशासन से जनसुनवाई की प्रक्रिया रोकने, परियोजना को बंद या निरस्त करने की अनुशंसा करने, राज्य एवं केंद्र सरकार को तथ्यात्मक प्रतिवेदन भेजने तथा किसानों के हितों को प्रभावित करने वाली आगामी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
महासंघ ने कहा कि परियोजना के विरोध में पहले भी किसान ट्रैक्टर रैली सहित बड़े आंदोलन कर चुके हैं। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई। महासंघ ने किसान अधिकार संघर्ष समिति के शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।



