खैरागढ़। ग्रामीणों एवं लोधी समाज की मांग को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्व विधायक कोमल जंघेल की अनुशंसा पर छुईखदान ब्लॉक के ग्राम पंचायत खैरानवापारा अंतर्गत ग्राम खैरा में 1857 की अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई की भव्य प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्रवासियों एवं लोधी समाज में हर्ष का माहौल है।
लोधी समाज और क्षेत्रवासियों में खुशी
छुईखदान क्षेत्र में लोधी समाज की बड़ी संख्या है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विभिन्न गांवों में पहले से ही वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं। ऐसे में ग्राम खैरा में भी भव्य प्रतिमा स्थापित किए जाने की स्वीकृति को समाज के लोगों ने गौरव और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।
पूर्व में भी कोमल जंघेल के कार्यकाल में स्थापित हुई थी प्रतिमा
क्षेत्र में वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थापना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण इतिहास भी रहा है। वर्ष 2007 में विधानसभा उपचुनाव में कोमल जंघेल के निर्वाचित होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में छुईखदान नगर के जय स्तंभ चौक में 20 लाख रुपये की लागत से रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थापित की गई थी। वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की उपस्थिति में विशाल जनसभा के माध्यम से प्रतिमा का लोकार्पण किया गया था।
धार्मिक और आस्था का प्रमुख केंद्र है खैरानवापारा-नर्मदा क्षेत्र
ग्राम खैरानवापारा-नर्मदा क्षेत्र धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां नर्मदा मैया मंदिर, लोधेश्वर महादेव मंदिर, कबीर मंदिर, संतोषी मंदिर, शांकबरी मंदिर और शनि मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थल स्थित हैं। प्रतिवर्ष यहां नर्मदा महोत्सव का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
ऐसे धार्मिक एवं आस्था के केंद्र में वीरांगना रानी अवंती बाई की भव्य प्रतिमा स्थापित होने से क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व में भी वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने पर छत्तीसगढ़ लोधी समाज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। समाज के लोगों ने कहा कि यह स्वीकृति वीरांगना रानी अवंती बाई के त्याग, साहस और शौर्य को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वीकृति की जानकारी सामने आने के बाद ग्राम खैरा सहित खैरानवापारा-नर्मदा क्षेत्र के ग्रामीणों और लोधी समाज में उत्साह का माहौल है।




