खैरागढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत घोंठिया से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासनिक लापरवाही ने एक गरीब हितग्राही की जिंदगी मुश्किलों में डाल दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत पहली किस्त की राशि ही गलत खाते में ट्रांसफर हो गई, और पीड़ित पिछले छह महीनों से न्याय के लिए भटक रहा है।
जानकारी के मुताबिक, घोंठिया निवासी अवेन्द्रा बंजारे को वर्ष 2024-25 में आवास योजना के तहत 40 हजार रुपये की पहली किस्त स्वीकृत हुई थी। लेकिन जनपद पंचायत के ऑपरेटर की बड़ी चूक के कारण यह राशि इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक के माध्यम से खैरबना निवासी श्रवण कुमार साहू के खाते में चली गई। जब यह गलती सामने आई, तब से लेकर अब तक अवेन्द्र बंजारे लगातार दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
दूसरी ओर, जिसके खाते में राशि गई, वह श्रवण साहू गरीबी का हवाला देकर पैसे लौटाने से बचता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि वह पिछले छह महीनों से हितग्राही को बार-बार टाल रहा है। इस बीच ग्राम पंचायत ने उसे नोटिस जारी कर 7 दिनों में राशि लौटाने को कहा, वहीं जनपद पंचायत ने भी 10 दिनों की मोहलत दी, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी गलती सामने आने और उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला होने के बावजूद जिम्मेदारों के “हाथ-पैर कांप रहे हैं” और कार्रवाई करने में सुस्ती बरती जा रही है। न तो राशि की वसूली हो पाई है और न ही दोषियों पर सख्त कदम उठाए गए हैं।
पीड़ित हितग्राही आज भी अपनी पहली किस्त पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही, जवाबदेही की कमी और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिससे शासन की छवि पर भी असर पड़ रहा है।


