Dinesh Sahu Khairagarh 9098981250
### 📰 खैरागढ़ मॉडल: समस्या देखो, खबर पढ़ो… और भूल जाओ!
खैरागढ़, केसीजी।जिले में प्रशासन की कार्यशैली इन दिनों एक नए “मॉडल” के रूप में उभरकर सामने आ रही है—**“समस्या सुनो, फाइल घुमाओ, और समय के हवाले कर दो”**।
मीडिया लगातार जनता, शासन और प्रशासन के बीच सेतु बनने की कोशिश में लगा है। अखबार, इलेक्ट्रॉनिक चैनल और सोशल मीडिया पर जनहित के मुद्दे बार-बार उठाए जा रहे हैं, लेकिन लगता है कि खबरों का असर अब केवल रद्दी के टोकरी तक सीमित रह गया है।
### 🚰 जल जीवन मिशन: नल है… जल नहीं!
“हर घर नल, हर घर जल” का सपना खैरागढ़ में कुछ इस तरह साकार हुआ है कि
👉 नल तो लग गए, लेकिन पानी अभी रास्ता ढूंढ रहा है।
* कई गांवों में टंकियां अधूरी
* जहां बनी हैं, वहां पानी सप्लाई गायब
* पुराने पाइपलाइन से जुगाड़ कनेक्शन
ऐसा लगता है मानो योजना नहीं, प्रयोग चल रहा हो। गर्मी शुरू होते ही पानी की किल्लत बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन शायद मानसून का इंतजार कर रहा है।
### 🛣️ सड़कें: गड्ढों में विकास खोजिए
जिले की सड़कों की हालत देखकर लगता है कि
👉 “गड्ढों में ही विकास छुपा है”
मरम्मत के नाम पर लीपापोती होती है, खबर छपती है, अधिकारी जागते हैं… और कुछ दिन बाद सब फिर पहले जैसा।
### 🌾 राजस्व विभाग: आवेदन दीजिए, उम्मीद छोड़ दीजिए
किसानों की जमीन संबंधी समस्याएं फाइलों में घूमते-घूमते थक चुकी हैं।
समाधान की गति इतनी धीमी है कि किसान अब सरकारी दफ्तरों से ज्यादा भगवान पर भरोसा करने लगे हैं।
### 🧱 अवैध कारोबार: विभाग की “मौन स्वीकृति”?
* अवैध ईंट भट्ठे धड़ल्ले से संचालित
* मुरुम की खुदाई जारी
* खनिज विभाग की “विशेष कृपा” बरकरार
सूत्र बताते हैं कि यहां नियम कम और रिश्तेदारी ज्यादा काम करती है।
### 🎓 शिक्षा विभाग: स्कूल कभी-कभी खुलते हैं
यहां शिक्षा व्यवस्था का हाल कुछ ऐसा है कि
👉 शिक्षक समय पर आएं तो वह “विशेष उपलब्धि” मानी जाती है
निरीक्षण कागजों में होता है, जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है।
### 🏥 स्वास्थ्य सेवाएं: इलाज नहीं, रेफर कीजिए
जिले के अस्पताल अब “रेफर सेंटर” बनते जा रहे हैं।
इलाज कम, पर्ची ज्यादा मिलती है।
कागजों में स्वास्थ्य सेवाएं शानदार हैं, लेकिन जमीन पर मरीज भरोसे के साथ-साथ किस्मत भी लेकर आता है।
### 🌾 मंडी: भवन है, व्यवस्था गायब
खैरागढ़ की मंडी शायद देश की इकलौती ऐसी मंडी होगी जहां
👉 भवन तो है, लेकिन खरीदी नहीं होती
यहां फसल नहीं, सिर्फ खामोशी का व्यापार चलता है।
### 🍬 खाद्य एवं अन्य विभाग: शिकायत का इंतजार
* नकली मिठाई खुलेआम बिक रही
* होटलों में गंदा पानी परोसा जा रहा
* बिना लाइसेंस अनाज का कारोबार
विभाग सक्रिय है… बस शिकायत का इंतजार कर रहा है।
### 🌳 वन विभाग: “हम अलग हैं” नीति
जिले में अवैध लकड़ी की सप्लाई जारी है, लेकिन कार्रवाई नदारद।
ऐसा लगता है जैसे वन विभाग ने खुद को प्रशासन से अलग घोषित कर रखा हो।
### ⚠️ निष्कर्ष: जनता इंतजार में, प्रशासन विचार में
खैरागढ़ जिले की स्थिति देखकर एक बात साफ है—
👉 समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, और समाधान फाइलों में सो रहा है।
अगर यही हाल रहा, तो आने वाले समय में पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर जनता सड़कों पर उतर सकती है।
फिलहाल प्रशासन “स्थिति पर नजर” बनाए हुए है…
और जनता “समाधान का इंतजार”।
एक ओर यह बात भी समझ नही आता कि आखिर जिले में खुफिया तंत्र ठीक से काम कर रही है कि नहीं, वह रिपोर्ट सरकार तक भेजती है कि नहीं ये समझ से परे है, बहरहाल जिले में प्रशानिक सर्जरी की जरुरत महसूस की जा रही है , जिससे सरकार को बेहतर परिणाम मिल सके।


