खैरागढ़ और दुर्ग जिले की सीमा पर जालबांधा शनि मंदिर के पास स्थित जया स्पेशलिटी केमिकल प्राइवेट लिमिटेड में सोमवार सुबह करीब 11 बजे भीषण आग लग गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार इतना भयावह था कि लगभग 20 किलोमीटर दूर तक आसमान में काला धुआं साफ दिखाई देता रहा।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री परिसर में वेल्डिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी से आग भड़कने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। आग के दौरान फैक्ट्री से लगातार विस्फोट की आवाजें भी सुनाई देती रहीं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।
घटनास्थल से उठता जहरीला और जलनशील धुआं आसपास के गांवों तक फैलता नजर आया। ग्रामीणों का कहना है कि गनीमत यह रही कि धुएं का रुख ऊपर आसमान की ओर रहा, यदि यह गांवों की ओर फैलता तो बड़ा जनहानि का खतरा पैदा हो सकता था। धुएं के कारण आसमान में बादलों जैसा दृश्य बन गया और कई गांवों में बारिश जैसा माहौल महसूस हुआ।
आग पर काबू पाने के लिए अलग-अलग स्थानों से दर्जनभर दमकल वाहनों को मौके पर लगाया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
सबसे अहम सवाल फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों को लेकर खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि केमिकल निर्माण इकाई होने के बावजूद न तो कर्मचारियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे और न ही पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मानकों का पालन किया जा रहा था। इस लापरवाही को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन द्वारा घटना की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हो गई है।


