खैरागढ़। गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन खैरागढ़ के बस स्टैंड स्थित यात्री प्रतीक्षालय में अब तक पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ऐसा लगता है मानो नगर पालिका यात्रियों को “प्रतीक्षा” का असली अर्थ समझाने में जुटी हो। यात्री प्रतीक्षालय का हाल देखकर यात्री अंदर बैठने के बजाय बाहर ही खड़े रहना ज्यादा बेहतर समझते हैं।
दरअसल, कुछ समय पहले DNnews ने यात्री प्रतीक्षालय की बदहाल स्थिति को लेकर खबर प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद नगर पालिका ने तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन सफाई जरूर करवा दी और लाइट-पंखे की व्यवस्था भी कर दी। लेकिन इसके बाद मानो जिम्मेदारों की सक्रियता भी पंखे की हवा के साथ उड़ गई।
सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। पहले जहां पीने के पानी के लिए एक चबूतरा बना हुआ था, उसे नया बनाने के नाम पर तोड़ दिया गया। अब लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन नया निर्माण अभी तक अधूरा ही पड़ा है। नतीजा यह है कि दूर-दराज से आने वाले यात्री पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं।
इतना ही नहीं, प्रतीक्षालय में बैठने के लिए जो कुर्सियां पहले लगाई गई थीं, वे भी टूटी-फूटी हालत में पड़ी हैं। ऐसे में यात्री प्रतीक्षालय का उपयोग करने से कतराते हैं। रोजाना बस से सफर करने वाले लोग बस स्टैंड पर खड़े होकर बस का इंतजार करते दिखाई देते हैं।
हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को लेकर खास संवेदनशील नजर नहीं आते। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए प्रतीक्षालय की यह स्थिति सवाल खड़े कर रही है कि आखिर नगर पालिका को यात्रियों की परेशानियां कब दिखाई देंगी। फिलहाल, खैरागढ़ का यह प्रतीक्षालय यात्रियों के लिए सुविधा से ज्यादा “व्यंग्य” का विषय बन गया है।


