खैरागढ़। देश की प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG में कथित पेपर लीक और व्यापक अनियमितताओं को लेकर खैरागढ़ में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। शैक्षिक प्रगतिशील मंच एवं Desh Ki Baat Foundation के प्रतिनिधियों ने जिलाधीश के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन को सिविल सोसाइटी सहित विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन मिला। प्रदर्शन में कांग्रेस, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, शिवसेना, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय संगठन और जोहार छत्तीसगढ़ से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
ज्ञापन में कहा गया कि NEET-UG जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोप न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि लाखों मेहनती विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के भविष्य के साथ भी अन्याय हैं। इस पूरे मामले को लेकर देशभर में चिंता, आक्रोश और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
### नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने जताई चिंता
Viplav Sahu ने कहा कि इस गंभीर प्रकरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
वहीं Dr. Arun Bhardwaj ने कहा कि दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के सपनों को तोड़ा गया है, जिससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
Shekhu Verma ने कहा कि परीक्षा में हुई कथित धांधली और मानसिक तनाव के कारण कई निराश छात्रों ने आत्मघाती कदम तक उठा लिए, जो बेहद चिंताजनक है।
Rakesh Sahu ने आक्रोश जताते हुए कहा कि अब देश में शिक्षा की भी “चोरी-डकैती” होने लगी है, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
वहीं संयोजक Nilesh Yadav ने कहा कि एक जागरूक सिविल सोसाइटी को अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए लगातार सक्रिय रहना होगा।
### पारदर्शिता और कड़ी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि NEET-UG परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक मामले में National Testing Agency की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही पूरे षड्यंत्र में शामिल दोषी अधिकारियों और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि लाखों विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करते हुए परीक्षा परिणाम पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किए जाएं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाया जाए।
### बड़ी संख्या में शामिल हुए सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान पार्षद दीपक देवांगन, टेकराम वर्मा, रानी राजलक्ष्मी तिवारी, महेश यादव, रविन्द्र सिंह गुड्डा, भुनेश्वर वर्मा, डॉ. भोला साहू, डोमार वर्मा, सूर्यकांत यादव, अनिल साहू, शेखर दास वैष्णव, शिवेंद्र वर्मा, डॉ. खुमान साहू, धर्मेंद्र साहू, दिलेश पटेल, एक्टिविस्ट बिहारी यादव, गोलू दास साहू, राम ठाकुर, पंकज साहू, रतन सिंघी, विनोद सिन्हा, रघु वर्मा सहित बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों एवं राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शैक्षिक प्रगतिशील मंच एवं देश की बात फाउंडेशन ने 22 मई को सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जनआंदोलन जारी रखने का आह्वान किया।


