रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रूपेश दुबे ने एनईईटी (NEET) और पीएटी (PAT) परीक्षा की तिथि एक ही दिन निर्धारित किए जाने पर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाओं की तिथि 21 जून को तय होना यह साबित करता है कि “डबल इंजन सरकार” में समन्वय का अभाव है, जिसका सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है।
रूपेश दुबे ने कहा कि भाजपा सरकारों के कार्यकाल में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नीट परीक्षा पेपर लीक मामले ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों को परेशान किया, वहीं छत्तीसगढ़ में भी 12वीं बोर्ड परीक्षा पेपर लीक जैसे मामले सामने आए, जिससे विद्यार्थियों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा निरस्त होने के बाद अब इसकी पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की जा रही है, जबकि उसी दिन छत्तीसगढ़ पीएटी परीक्षा भी निर्धारित है। विज्ञान संकाय के कई छात्र ऐसे हैं जिन्होंने NEET और PAT दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है। ऐसे में एक ही दिन दोनों परीक्षाएं होने से छात्र गंभीर दुविधा में फंस गए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यदि दोनों परीक्षाओं के केंद्र अलग-अलग शहरों में हुए तो विद्यार्थियों के लिए परीक्षा देना लगभग असंभव हो जाएगा। उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि सरकार को बच्चों की चिंता करनी चाहिए, न कि उन्हें असमंजस की स्थिति में डालना चाहिए।
रूपेश दुबे ने मांग की कि यदि राज्य सरकार में थोड़ी भी नैतिकता बची है और वह शिक्षा व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना चाहती है, तो 21 जून को प्रस्तावित पीएटी परीक्षा को स्थगित कर नई तिथि घोषित करे। उन्होंने कहा कि इससे छात्र बिना तनाव और भ्रम के अपने भविष्य को संवारने के लिए पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी कर सकेंगे।


