देवव्रत सिंह के निवास पर पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल हुए, अफीम खेती और प्रशासनिक सक्रियता पर उठाए सवाल
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव खुद स्टेयरिंग संभालते हुए खैरागढ़ पहुंचे और राजनांदगांव लोकसभा के पूर्व सांसद व खैरागढ़ के पूर्व विधायक स्व. देवव्रत सिंह के निवास पर आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल हुए। वे जिला पंचायत सदस्य शताक्षी सिंह के आमंत्रण पर पहुंचे थे।
खैरागढ़ आने से पहले उन्होंने जालबांधा और पाण्डुका में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। खैरागढ़ में उन्होंने दंतेश्वरी मंदिर और रुक्खड़ स्वामी मंदिर में भी दर्शन किए।इस दौरान युवराज आर्यव्रत सिंह मौजूद रहे, बातचीत के दौरान उन्होंने हल्के अंदाज़ में कहा कि “शताक्षी अब बच्ची नहीं रही, समझदार हो गई है,” और बताया कि उनसे उनकी नियमित मुलाकात होती रहती है।
मीडिया से चर्चा में सिंहदेव ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सामने आए अफीम खेती के मामलों को आश्चर्यजनक बताते हुए कहा कि दुर्ग जैसे क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों का होना और प्रशासन को जानकारी न होना प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने सरगुजा अंचल के बलरामपुर जिले का जिक्र करते हुए कहा कि निगरानी की कमी और अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही है।
राजनीतिक सवालों के बीच जब उनसे “जय-वीरू” की जोड़ी पर टिप्पणी मांगी गई तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “जय और वीरू की जोड़ी ने एक ही फिल्म में काम किया था, लेकिन उनके कलाकारों ने कई सुपरहिट फिल्में दीं। 2018 में हमारी जोड़ी ने भी अच्छा काम किया, लेकिन गब्बर कौन था, यह कहना मुश्किल है।”
इस दौरान भारी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


