खैरागढ़। छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले विश्वविख्यात Indira Kala Sangeet Vishwavidyalaya के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण सामने आया है। प्रदेश शासन की स्वीकृति के बाद विश्वविद्यालय का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर “राजकुमारी इंदिरा सिंह कला एवं संगीत विश्वविद्यालय” कर दिया गया है।
यह फैसला खैरागढ़ की सांस्कृतिक विरासत, राजपरिवार के योगदान और कला-संगीत के प्रति समर्पण को नई पहचान देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने के बाद क्षेत्रभर में खुशी और उत्साह का माहौल है।
विश्वविद्यालय का नया नाम खैरागढ़ राजपरिवार की सदस्य एवं स्वर्गीय राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह जी की सुपुत्री स्वर्गीय राजकुमारी इंदिरा सिंह के मूल नाम पर रखा गया है। माना जा रहा है कि यह निर्णय खैरागढ़ की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करेगा।
इस अवसर पर खैरागढ़ राजपरिवार के वर्तमान राजा Aryavrat Singh एवं राजकुमारी Shatakshi Singh ने महामहिम राज्यपाल एवं कुलपति Dr. Lovely Sharma के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के नाम संशोधन की प्रक्रिया को सफल बनाने में राज्यपाल एवं कुलपति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
राजा आर्यव्रत सिंह ने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर, राजपरिवार की दानवीरता और कला-संगीत के प्रति समर्पण को सम्मान देने का कार्य है। उन्होंने कुलपति डॉ. लवली शर्मा द्वारा विश्वविद्यालय के विकास, अधोसंरचना विस्तार और कला-संगीत शिक्षा के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि खैरागढ़ की पहचान पूरे देश में कला और संगीत की नगरी के रूप में रही है और आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
नाम परिवर्तन की खबर सामने आने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने इसे खैरागढ़ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए स्वागत किया है।


