खैरागढ़। ग्रीष्म ऋतु के दौरान आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त फल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के निर्देश पर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न फल विक्रय केंद्रों, मंडियों और खाद्य व्यवसाय प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है।
उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पर्यवेक्षण तथा अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे द्वारा तीन दिवसीय सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।
पहले दिन सड़े-गले फल नष्ट
27 मई 2026 को छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र में फल विक्रेताओं की जांच के दौरान लगभग 20 किलोग्राम सड़े-गले आम, 5 दर्जन केले, पपीता और अंगूर मौके पर नष्ट कराए गए। वहीं एक गन्ना जूस सेंटर में गंदगी और खुले में रखी गई बर्फ पाए जाने पर गंभीर खाद्य सुरक्षा अनियमितताएं सामने आईं। आवश्यक सुधार होने तक प्रतिष्ठान का संचालन तत्काल बंद करा दिया गया।
दूसरे दिन भी मिली अनियमितताएं
28 मई 2026 को इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान करीब 15 किलोग्राम सड़े-गले आम, 20 दर्जन केले और 3 तरबूज नष्ट कराए गए। अधिकारियों ने विक्रेताओं को स्वच्छता बनाए रखने और गुणवत्तायुक्त फल बेचने के निर्देश दिए।
गंडई में छापा, 60 कैरेट केला जब्त
अभियान के तीसरे दिन गंडई तहसील अंतर्गत वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार में छापामार कार्रवाई की गई। जांच के दौरान बिना खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन के बड़ी मात्रा में फलों को हानिकारक रसायनों की मदद से पकाने की तैयारी पाई गई।
मौके से गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, टैग पूरन 3G, टैगपान लिक्विड सहित अन्य सामग्री बरामद की गई। विभाग ने कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए लिए तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए लगभग 60 कैरेट केले जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई जा रही है।
कृत्रिम तरीके से फल पकाने वालों पर सख्ती
अभियान के दौरान अधिकारियों द्वारा फलों के भंडारण, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन और कृत्रिम रूप से फल पकाने में उपयोग होने वाले रसायनों की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने आमजन से भी अपील की कि फल एवं अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, ताजगी और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
संभावित हेडलाइन:
🚨 खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: सड़े-गले फल नष्ट, केमिकल से पकाए जा रहे 60 कैरेट केले जब्त


