खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में बिना आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता, पंजीयन एवं वैधानिक दस्तावेजों के क्लीनिक संचालित करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अनिल कुमार शुक्ला की पूर्व चेतावनी के बाद विभागीय टीम ने वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा और खादी में संचालित क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया।
जानकारी के अनुसार, CMHO के निर्देश पर नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी के नेतृत्व में गठित जांच दल ने विकासखंड छुईखदान के अंतर्गत साल्हेवारा एवं खादी क्षेत्र में संचालित क्लीनिकों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान क्लीनिक संचालन से संबंधित आवश्यक वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
खादी के क्लीनिक में मिली बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां
निरीक्षण के दौरान खादी स्थित वर्मा क्लीनिक, संचालक राकेश वर्मा के यहां बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां पाए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच दल को स्टेरॉयड और हाई डोज एंटीबायोटिक दवाइयां भी मिलने की बात कही गई है।
दवाइयों की उपलब्धता के बाद अब उनके स्रोत, भंडारण, उपयोग एवं वितरण की वैधानिकता के साथ-साथ संबंधित व्यक्ति की चिकित्सकीय योग्यता और आवश्यक पंजीयन की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, केवल दवाइयां मिलने से उनके अवैध इस्तेमाल या मरीजों को अनुचित उपचार दिए जाने की पुष्टि नहीं होती। इन पहलुओं पर विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
साल्हेवारा में दो क्लीनिकों का निरीक्षण
स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम द्वारा साल्हेवारा क्षेत्र में वर्मा क्लीनिक, संचालक राकेश वर्मा तथा उइके क्लीनिक, संचालक खुशबू उइके का निरीक्षण किए जाने की जानकारी है। निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बाद विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है।
बिना योग्यता उपचार पर विभाग सख्त
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, चिकित्सकीय पंजीयन और वैधानिक अनुमति के बिना मरीजों का उपचार किया जाना गंभीर मामला है। विशेषकर स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक जैसी दवाइयों का चिकित्सकीय निगरानी के बिना उपयोग मरीजों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता के बीच ग्रामीणों को सही और सुरक्षित चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति निर्धारित नियमों और योग्यता के बिना चिकित्सा गतिविधियां संचालित करता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई आवश्यक है।
CMHO की चेतावनी के बाद कार्रवाई तेज
CMHO डॉ. अनिल कुमार शुक्ला द्वारा पूर्व में बिना आवश्यक योग्यता एवं वैधानिक दस्तावेजों के क्लीनिक संचालित करने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद वनांचल क्षेत्र में हुए इन औचक निरीक्षणों को विभाग के अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
विभाग की ओर से संकेत दिया गया है कि नियमों के विपरीत चिकित्सा गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ जांच और कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
अब जांच रिपोर्ट और अंतिम कार्रवाई पर नजर
साल्हेवारा और खादी में निरीक्षण के बाद अब क्षेत्रवासियों की नजर स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर है। संबंधित क्लीनिक संचालकों की शैक्षणिक योग्यता, चिकित्सकीय पंजीयन, क्लीनिक संचालन की अनुमति, दवाइयों के स्रोत और उनके उपयोग सहित सभी पहलुओं की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
जनस्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में केवल निरीक्षण और नोटिस तक कार्रवाई सीमित न रहकर, जांच में यदि नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।



