Dinesh Sahu Khairagarh. 9098981250
छुईखदान। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने और प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष आयोजित दो सुनवाइयों में भी उपस्थित नहीं होने का मामला ग्राम पंचायत भुरभुसी से सामने आया है। मामले में प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत छुईखदान ने कड़ा रुख अपनाते हुए जन सूचना अधिकारी को 7 दिवस के भीतर मांगी गई संपूर्ण जानकारी निःशुल्क उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। साथ ही आदेश का पालन नहीं होने पर आरटीआई अधिनियम की धारा 20 के तहत कार्रवाई और प्रतिदिन ₹250 के जुर्माने की प्रक्रिया के लिए मामला छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग को भेजने की चेतावनी दी गई है।
मामला ग्राम श्यामपुर निवासी दिनदयाल यदु से जुड़ा है। दिनदयाल यदु ने 3 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत भुरभुसी के जन सूचना अधिकारी/सचिव के समक्ष आरटीआई आवेदन प्रस्तुत कर 15वें वित्त आयोग की राशि से 1 अप्रैल 2020 से 30 जून 2026 तक कराए गए कार्यों से संबंधित दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां मांगी थीं। इसमें कार्यों की प्रस्ताव कॉपी, एस्टीमेट, कैशबुक, बिल-वाउचर एवं गोश्वारा सहित संपूर्ण जानकारी शामिल थी।
### समय सीमा बीती, लेकिन नहीं मिली जानकारी
आरटीआई आवेदन देने के बाद निर्धारित समयावधि बीत गई, लेकिन आवेदक दिनदयाल यदु को जन सूचना अधिकारी की ओर से न तो मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई गई और न ही कोई पत्राचार या जवाब दिया गया। इसके बाद आवेदक ने अपने अधिकार का उपयोग करते हुए जनपद पंचायत छुईखदान के प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की।
### दो बार नोटिस, फिर भी पेशी से नदारद
मामले की सुनवाई के लिए प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा जन सूचना अधिकारी को दो बार सूचना जारी की गई। पहली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को और संशोधित सुनवाई 9 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे निर्धारित की गई थी। आदेश में उल्लेख है कि दोनों अवसरों पर अपीलार्थी दिनदयाल यदु उपस्थित हुए, लेकिन ग्राम पंचायत भुरभुसी के जन सूचना अधिकारी दोनों ही सुनवाइयों में अनुपस्थित रहे।
इतना ही नहीं, आदेश के अनुसार जन सूचना अधिकारी को दोनों बार लिखित सूचना/नोटिस तामील होने के बावजूद उन्होंने न तो कोई पूर्व सूचना दी और न ही अनुपस्थिति का कोई वैध कारण बताया। सुनवाई के दौरान आवेदक ने स्पष्ट रूप से बताया कि उसे अब तक जन सूचना अधिकारी की ओर से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
### प्रथम अपीलीय अधिकारी ने माना गंभीर लापरवाही
मामले में पारित आदेश में प्रथम अपीलीय अधिकारी ने जन सूचना अधिकारी के रवैये को शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की अवहेलना बताया है। जन सूचना अधिकारी के लगातार अनुपस्थित रहने और कोई जवाब प्रस्तुत नहीं करने के कारण मामले का एकपक्षीय निराकरण करते हुए आवेदक के पक्ष में आदेश पारित किया गया।
### 7 दिन में पूरी जानकारी देने का आदेश
प्रथम अपीलीय अधिकारी ने जन सूचना अधिकारी, ग्राम पंचायत भुरभुसी को आदेशित किया है कि आवेदक दिनदयाल यदु द्वारा मांगी गई प्रस्ताव कॉपी, एस्टीमेट, कैशबुक, बिल-वाउचर और गोश्वारा सहित संपूर्ण सत्यापित जानकारी आदेश प्राप्त होने के 7 दिवस के भीतर निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए।
साथ ही जानकारी उपलब्ध कराने के बाद आवेदक से प्राप्त हस्ताक्षरित पावती और अनुपालन प्रतिवेदन भी प्रथम अपीलीय अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इधर 7 दिवस बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा वैधानिक कार्यवाही नहीं की है,
### अब कार्रवाई की चेतावनी
आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित 7 दिवस के भीतर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो जन सूचना अधिकारी के विरुद्ध आरटीआई अधिनियम की धारा 20 के तहत दंडात्मक कार्रवाई के लिए मामला छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग, नवा रायपुर को भेजने की बात कही गई है, वाही आदेश में प्रतिदिन ₹250 के जुर्माने का भी उल्लेख किया गया है। लेकिन पन्द्रह दिवस बीत जाने के बाद भी प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा अभी तक आवेदक को राज्य सुचना आयोग के सम्बन्ध में कोई पत्र व्यवहार नहीं किया गया है,
यह पूरा मामला अब सवाल खड़ा कर रहा है कि जब सूचना का अधिकार अधिनियम आम नागरिक को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का कानूनी अधिकार देता है, तो ग्राम पंचायत स्तर पर एक आवेदक को जानकारी देने में इतनी उदासीनता क्यों बरती गई? आवेदक को समय पर जानकारी नहीं मिली, प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष दो बार सुनवाई हुई, लेकिन जन सूचना अधिकारी पेशी में भी नहीं पहुंचे। ऐसे में अब निगाह इस बात पर है कि प्रथम अपीलीय अधिकारी जल्द ही राज्य सुचना आयोग को जनसूचना अधिकारी के खिलाफ पत्र व्यवहार करती है, यह तो आने वाले समय में पता चलेगा
जन सूचना अधिकारी को जानकारी लेकर आने के लिए सुचना दिया गया था, लेकिन नहीं आया , सोमवार को और नोटिस तलब करेंगे , अगर जनसूचना अधिकारी नही आते है तो दंडनात्मक कार्यवाही की जाएगी ,
केश्वरी देवांगन ,CEO ( प्रथम अपीलीय अधिकारी )
जनपद पंचायत छुईखदान
अगला अंक में पढ़े - आखिर सरपंच प्रतिनिधि ने तिलमिलाकर आवेदक को देख लेने की क्यों दी धमकी ?



