खैरागढ़-छुईखदान-गंडई/ देश की बात फाउंडेशन के राज्य संयोजक विप्लव साहू, नीलेश यादव, भुनेश्वर वर्मा, उत्तम बागड़े, सोनी सहित अन्य साथियों ने आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन तहसीलदार आशीष कुमार के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में फाउंडेशन ने परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और छात्र-युवाओं के भविष्य पर पड़ रहे अंधकारमय प्रभाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संबोधित अपने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि ये घटनाएं लाखों छात्रों के विश्वास को तोड़ रही हैं और देश की युवा शक्ति को निराशा की ओर धकेल रही हैं।
मुख्य मांगें:
बेरोजगारी के समाधान के लिए राष्ट्रीय रोजगार नीति (National Employment Policy) लागू की जाए।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर सभी परीक्षाओं का समयबद्ध भर्ती कैलेंडर अनिवार्य किया जाए।
पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली पर पूर्णतः रोक लगाई जाए।
केंद्र और राज्य सरकारों के अंतर्गत रिक्त सरकारी पदों को तुरंत भरा जाए।
सरकारी विभागों में संविदा प्रथा और अंधाधुंध निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
परीक्षा शुल्क में राहत दी जाए और छात्रों को निःशुल्क या सुविधाजनक यातायात उपलब्ध कराया जाए।
शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा लिया जाए और पेपर लीक सिंडिकेट पर सख्त कार्रवाई की जाए।
देश की बात फाउंडेशन के संयोजकों ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है। जब प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली होती है तो केवल छात्र ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार प्रभावित होता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इन मांगों को गंभीरता से लेगी और शीघ्र ही ठोस कदम उठाएगी।
फाउंडेशन ने कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय तक यह आवाज पहुंचाने का अनुरोध किया। ज्ञापन सौंपने के दौरान फाउंडेशन कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे युवाओं के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे।
देश की बात फाउंडेशन एक राष्ट्रीय संगठन है जो युवाओं के अधिकारों, कल्याण और भविष्य के लिए कार्य करता है। इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई और प्रतिक्रिया की नजरें केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन पर टिकी हुई हैं।


