साल्हेवारा की बंजारी घाटी में रात 8:20 बजे दिखा वन्यजीव, यात्रियों ने मोबाइल कैमरे में कैद किया नजारा; वन विभाग की पुष्टि का इंतजार
खैरागढ़/साल्हेवारा। वनांचल साल्हेवारा की घनी वादियों में बीती रात उस समय रोमांचक नजारा देखने को मिला, जब राजनांदगांव से बकरकट्टा जा रही यात्री बस में सवार लोगों को बंजारी घाटी में सड़क किनारे तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी मिली। सिद्धपीठ मां बंजारी मंदिर के समीप जंगल के बीच वन्यजीव को देखकर यात्री उत्सुक हो उठे। इस दौरान तस्वीरें और वीडियो मोबाइल कैमरे में कैद किए गए। नवरात्रि के बीच मंदिर के आसपास तेंदुआ दिखाई देने की खबर से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है।
वीडियो देखे
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रात 8:20 बजे बंजारी घाटी में दिखा वन्यजीव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बकरकट्टा निवासी गोविंद लाल पटेल लोधी ट्रेवल्स में परिचालक के रूप में कार्यरत हैं। वे बीती रात राजनांदगांव से यात्रियों को लेकर बकरकट्टा जा रहे थे। रात करीब 8:20 बजे जब बस साल्हेवारा के समीप स्थित सिद्धपीठ मां बंजारी मंदिर की बंजारी घाटी से गुजर रही थी, तभी सड़क किनारे एक वन्यजीव दिखाई दिया।
वन्यजीव को देखकर यात्रियों का ध्यान उस ओर गया। इसके बाद मौके पर बस रोककर उसे देखने की बात सामने आई। यात्रियों ने वन्यजीव को तेंदुआ बताया और इस अप्रत्याशित नजारे को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। घने जंगल और अंधेरी रात के बीच वन्यजीव का दिखाई देना यात्रियों के लिए रोमांचक अनुभव रहा।
परिचालक गोविंद लाल पटेल ने घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साल्हेवारा के संवाददाता दिलीप शुक्ला को भेजकर अपने अनुभव साझा किए। हालांकि, वन्यजीव की प्रजाति की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग द्वारा किया जाना शेष है।
नवरात्रि में मां बंजारी के समीप वन्यजीव का दीदार, आस्था के साथ रोमांच
नवरात्रि के पावन अवसर पर सिद्धपीठ मां बंजारी मंदिर के आसपास वन्यजीव दिखाई देने की खबर को कुछ लोग आस्था और श्रद्धा से जोड़कर देख रहे हैं। यात्रियों के लिए यह नजारा अप्रत्याशित रहा। मंदिर के आसपास घने जंगल और प्राकृतिक वातावरण के बीच वन्यजीव की मौजूदगी ने इस घटना को और भी चर्चा में ला दिया है।
वन्यजीवों का प्राकृतिक ठिकाना है साल्हेवारा का वनांचल
साल्हेवारा और आसपास का वन क्षेत्र अपनी हरियाली, प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां जंगलों में विभिन्न वन्यजीवों की मौजूदगी की संभावना रहती है। गर्मी के मौसम में महुआ संग्रहण के दौरान ग्रामीणों की जंगलों में आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे समय में भालू सहित अन्य वन्यजीवों से आमना-सामना होने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
वन्यजीवों की मौजूदगी जहां प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का विषय है, वहीं यह सतर्कता बरतने का भी संकेत है। जंगल के रास्तों से गुजरते समय वाहन चालकों और यात्रियों को सावधानी रखनी चाहिए। किसी वन्यजीव के दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें, उसके करीब जाने या पीछा करने से बचें और वन विभाग को सूचना दें।
मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन जरूरी
बंजारी घाटी में रात के समय तेंदुआ दिखाई देने की इस खबर ने एक बार फिर साल्हेवारा के वनांचल की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों की मौजूदगी को चर्चा में ला दिया है। ऐसी घटनाएं जंगलों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के महत्व को रेखांकित करती हैं। हालांकि, वन्यजीव की पहचान और घटना की आधिकारिक पुष्टि के लिए वन विभाग की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
संवाददाता — दिलीप शुक्ला
साल्हेवारा | DNnews — खबर वही, जो लगे सही



