खैरागढ़/चिंचुरा। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले की चिंचुरा विधानसभा सीट (190) पर भारतीय जनता पार्टी ने 44 हजार से अधिक मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर नया राजनीतिक संदेश दिया है। इस जीत को संगठन की मजबूत रणनीति और जमीनी मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
चिंचुरा क्षेत्र में पहले पार्टी का संगठन कमजोर और बिखरा हुआ था, लेकिन चुनाव से पहले किए गए सुनियोजित प्रयासों ने स्थिति को पूरी तरह बदल दिया। बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं को जोड़ने का असर सीधे चुनाव परिणाम में दिखाई दिया।
इस सफलता में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (छत्तीसगढ़) के युवा नेता जयप्रकाश साहू की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। पार्टी ने उन्हें प्रवासी कार्यकर्ता के रूप में जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने करीब दो माह तक क्षेत्र में रहकर संगठन को मजबूत किया और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित किया।
जयप्रकाश साहू वर्तमान में भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री एवं नवीन शासकीय महाविद्यालय जालबांधा की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क और टीम समन्वय पर विशेष ध्यान देते हुए चुनाव अभियान को प्रभावी बनाया।
इन प्रयासों का नतीजा यह रहा कि भाजपा प्रत्याशी सुबीर नाग ने 44 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत संगठन की नई रणनीति और जमीनी कार्यशैली की सफलता का उदाहरण है।
इस जीत के साथ ही खैरागढ़ क्षेत्र का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर उभरा है। जयप्रकाश साहू की इस उपलब्धि पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों में उत्साह का माहौल है, वहीं इसे पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
फोटो कैप्शन: चिंचुरा विधानसभा में जीत के बाद प्रवासी कार्यकर्ता जयप्रकाश साहू (बाएं) और भाजपा प्रत्याशी सुबीर नाग (दाएं)।

